नई दिल्ली। मार्च का आखिरी सप्ताह और अप्रैल की शुरुआत आमतौर पर तेज गर्मी के लिए जानी जाती है लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही रुख अपना लिया है। देश के कई हिस्सों में जहां गर्मी बढ़ने की उम्मीद थी, वहीं अब बादल, बारिश और तेज हवाओं ने तापमान को थाम लिया है। IMD के ताजा अपडेट के अनुसार दिल्ली, राजस्थान समेत 13 राज्यों में बारिश और अंधड़ का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 7 राज्यों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसने पूरे उत्तर और मध्य भारत के मौसम को प्रभावित किया है। इसके चलते लोगों को अभी तक भीषण गर्मी का सामना नहीं करना पड़ा और कई जगहों पर मौसम सुहाना बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसी मौसमी प्रणाली है, जो भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पहुंचती है और बारिश, बर्फबारी तथा आंधी जैसी स्थितियां पैदा करती है। इस बार यह सिस्टम काफी सक्रिय है। जिसके कारण राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह विक्षोभ मार्च के अंत तक सक्रिय रहेगा और इसके प्रभाव से कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
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IMD के मुताबिक, राजस्थान में इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। राज्य के जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर संभागों में अंधड़ के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है। यहां 31 मार्च तक मौसम खराब बना रह सकता है। इसके अलावा बिहार के 12 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी के आसार हैं।
राजधानी Delhi और NCR क्षेत्र में रविवार का दिन अपेक्षाकृत सुहाना रहने की संभावना है। सुबह के समय आसमान साफ रह सकता है, लेकिन दोपहर के बाद बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD ने यहां येलो अलर्ट जारी किया है और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है। तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 31 मार्च तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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पंजाब और हरियाणा में भी 29 और 30 मार्च को मौसम का यही रुख देखने को मिलेगा। इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित प्रभाव वाला हो सकता है, क्योंकि जहां बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं ओलावृष्टि नुकसान भी पहुंचा सकती है।
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और भी ज्यादा खराब बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है और अगले 2-3 दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। इससे पर्यटन और यातायात पर असर पड़ सकता है, खासकर पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने का खतरा रहेगा।
केवल उत्तर और पश्चिम भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत में भी मौसम बदल रहा है। केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 29 मार्च से 1 अप्रैल के बीच बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। यहां भी मौसम का यह बदलाव तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करेगा और गर्मी का असर कम महसूस होगा।
मौसम के इस बदलाव से फिलहाल गर्मी पर ब्रेक लग गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और लू का असर भी शुरू हो सकता है। हालांकि अभी के लिए यह ठंडा और सुहाना मौसम लोगों को राहत दे रहा है।