Share Market Today:सेंसेक्स 720 अंक टूटा, निफ्टी 244 अंक गिरकर 23123 पर बंद; रियल्टी और मेटल सेक्टर में बिकवाली

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सेंसेक्स 719 अंक यानी करीब 1 फीसदी गिरकर 73,524 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 244 अंक टूटकर 23,123 पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में दबाव बना रहा और निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।
टॉप गेनर्स और लूजर्स


IT, मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
सोमवार के कारोबार में आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल तनाव और अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने जोखिम वाले सेक्टर्स से दूरी बनाई। कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर रहा।
ईरान-इजराइल तनाव बना गिरावट की बड़ी वजह
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव रहा। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमला किया। इसके जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। तेहरान, तबरीज और इस्फहान में धमाकों की खबरों के बाद ग्लोबल बाजारों में डर का माहौल बन गया।
अमेरिकी बाजार में भी भारी गिरावट
ग्लोबल तनाव का असर अमेरिकी बाजारों पर भी देखने को मिला। अमेरिकी शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। डाउ जोन्स करीब 695 अंक टूटा जबकि नैस्डैक में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं S&P 500 इंडेक्स भी करीब 2.6 फीसदी नीचे बंद हुआ। इससे एशियाई बाजारों समेत भारतीय बाजार पर भी दबाव बढ़ गया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी भारतीय बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह बनी हुई है। 5 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI ने करीब 8,776 करोड़ रुपए की बिकवाली की। पिछले 7 कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक 27 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की निकासी कर चुके हैं। वहीं बीते 30 दिनों में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली 76 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच गई है।
ये भी पढ़ें: भारत या पाकिस्तान! किस देश में महंगा है LPG सिलेंडर? आंकड़े कर देंगे हैरान
घरेलू निवेशकों ने दिया बाजार को सहारा
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं। बीते 30 दिनों में घरेलू निवेशकों यानी DIIs ने करीब 95 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर घरेलू निवेशकों की खरीदारी नहीं होती तो बाजार में गिरावट और ज्यादा गहरी हो सकती थी।












