भारत या पाकिस्तान!किस देश में महंगा है LPG सिलेंडर? आंकड़े कर देंगे हैरान

मिडिल ईस्ट में ईरान- इजरायल के बीच एक बार फिर हमले तेज हो गए हैं। अब तक इन हमलों से दुनिया के कई देशों को तेल, गैस सहित ऊर्जा जरूरतों जैसे कई बड़े झटके लगे हैं। ऐसे में भारत में LPG के दामों एक बार फिर से बढ़ोतरी की गई है। जिसने लोगों को तगड़ा झटका दिया है ऐसे में लोगों के मन में सवाल होगा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में LPG के दामों की क्या स्थिति है और वहां लोगों को किन- किन समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है।
पाकिस्तान में कैसे हैं हालात?
पाकिस्तान इन दिनों ऊर्जा संकट की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। एक तरफ घरेलू गैस और एलपीजी सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, तो दूसरी तरफ कई इलाकों में गैस की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को खाना बनाने के लिए घंटों गैस आने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं भारत में कीमतों को लेकर चर्चा जरूर होती है, लेकिन गैस की उपलब्धता अपेक्षाकृत बेहतर मानी जाती है।
इतने हैं LPG सिलेंडर के दाम
ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर करीब 942 रुपये में उपलब्ध है। दूसरी ओर पाकिस्तान में समान क्षमता वाले सिलेंडर की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 1,046 रुपये के बराबर है। यानी पाकिस्तान के उपभोक्ताओं को भारत के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
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अन्य देशों में क्या है दाम?
केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि कई पड़ोसी देशों में भी एलपीजी की कीमत भारत से अधिक है। नेपाल में घरेलू गैस सिलेंडर करीब 1,207 रुपये, बांग्लादेश में 1,225 रुपये और श्रीलंका में लगभग 1,241 रुपये में मिल रहा है। इस तुलना में भारत का सिलेंडर अपेक्षाकृत सस्ता नजर आता है। जंग की मार का असर कई देशों को पड़ा है, जहां लोगों के किचन का बजट पूरी तरह बिगाड़ा है।
गैस की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें
पाकिस्तान में लोगों की परेशानी सिर्फ महंगे सिलेंडर तक सीमित नहीं है। प्राकृतिक गैस की कमी वहां लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। सर्दियों के मौसम में कई शहरों में घंटों तक गैस सप्लाई बाधित रहने की शिकायतें सामने आती हैं।
कई परिवारों को खाना बनाने के लिए लकड़ी, कोयला या अन्य ईंधनों का सहारा लेना पड़ता है। कुछ इलाकों में लोग गैस मिलने के निर्धारित समय का इंतजार करते हैं और उसी दौरान भोजन तैयार करते हैं। इससे आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है।
भारत में वितरण नेटवर्क बना ताकत
भारत में एलपीजी की पहुंच बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर काम किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार से लाखों परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध हुआ है। अब दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक भी गैस सिलेंडर पहुंच रहे हैं।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता से रसोई गैस और अधिक किफायती हो जाती है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलती है।
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आपूर्ति को लेकर सरकार आश्वस्त
वहीं भारत सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत ने वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की है। अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से आयात बढ़ाकर आपूर्ति को स्थिर रखा गया है। ऐसे में फिलहाल देश में गैस की उपलब्धता को लेकर किसी बड़े संकट की आशंका नहीं जताई गई है।











