गैस संकट के बीच भारत को बड़ी राहत!अर्जेंटीना से आएगी LNG, अदाणी पोर्ट्स की बड़ी कामयाबी, ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा नया सहारा

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख पोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को अर्जेंटीना के पहले LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यात प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का मरीन सर्विस कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस समझौते के जरिए अदाणी समूह ने पहली बार दक्षिण अमेरिका के बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट केवल उसके वैश्विक विस्तार के लिए ही नहीं बल्कि भारत और अर्जेंटीना के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
दक्षिण अमेरिका में बढ़ा अदाणी पोर्ट्स का दायरा
अदाणी पोर्ट्स को यह कॉन्ट्रैक्ट अर्जेंटीना की कंपनी मेरिडियन ग्रुप के साथ बनाए गए संयुक्त उपक्रम के माध्यम से मिला है। यह समझौता अर्जेंटीना के पहले एलएनजी एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसे साउदर्न एनर्जी एसए (SESA) विकसित कर रही है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी ने दक्षिण अमेरिका में अपनी सेवाओं का विस्तार कर लिया है और वैश्विक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
क्या होगा अदाणी पोर्ट्स का काम?
इस प्रोजेक्ट के तहत अदाणी और उसके स्थानीय साझेदार को LNG ले जाने वाले जहाजों को समुद्री सहायता सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। इसमें जहाजों को सुरक्षित तरीके से लाना ले जाना, समुद्री लॉजिस्टिक्स, सप्लाई सपोर्ट और कर्मचारियों के आवागमन से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। इन कार्यों के लिए विशेष टगबोट, सपोर्ट वेसल और क्रू बोट का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य प्रोजेक्ट के संचालन को सुरक्षित और सुचारू बनाना है।
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70 मिलियन डॉलर का निवेश, लंबी अवधि का फायदा
इस प्रोजेक्ट में करीब 70 मिलियन डॉलर के निवेश का अनुमान लगाया गया है। 10 साल की अवधि वाले इस समझौते से कंपनी को नियमित आय मिलने की उम्मीद है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर गैस आयात करता है। आने वाले समय में अर्जेंटीना एक बड़े LNG आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर सकता है। वर्ष 2027 से भारत को हर साल बड़ी मात्रा में LNG की आपूर्ति किए जाने की योजना है।
2027 में शुरू होगा कमर्शियल संचालन
यह प्रोजेक्ट अर्जेंटीना के रियो नेग्रो प्रांत में विकसित किया जा रहा है। यहां प्राकृतिक गैस को विशेष फ्लोटिंग LNG सुविधा के जरिए तरल रूप में बदला जाएगा। प्रोजेक्ट का व्यावसायिक संचालन सितंबर 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती चरण में हर साल लगभग 2.45 मिलियन टन LNG उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
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कंपनी ने जताया भरोसा
अदाणी पोर्ट्स के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा कि यह समझौता दुनिया के अलग अलग हिस्सों में बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को संभालने की कंपनी की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास कई देशों में समुद्री संचालन का अनुभव है और उसी अनुभव के आधार पर वह इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने का प्रयास करेगी।











