'अगर पत्नी है तो श्राद्धकर्म भी करे'...शहीद शुभम के पिता का छलका दर्द, 21 लाख का चेक लेकर चली गई कथित पत्नी

शुभम कुमार 13 जून को असम के जोरहाट में हुए विमान हादसे में शहीद हुए थे। पिता का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से 21 लाख रुपये का सहायता चेक कथित पत्नी को दे दिया गया। अब परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए रक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
शहीद शुभम थे परिवार का इकलौता सहारा
जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड स्थित बनवरिया गांव निवासी लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। विमान हादसे में उनकी शहादत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार का कहना है कि शुभम ही घर की सबसे बड़ी उम्मीद और सहारा थे। उनके जाने से परिवार गहरे सदमे में है।
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सहायता राशि को लेकर पिता ने लगाए आरोप
शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि बेटे की शहादत के बाद मिली 21 लाख रुपये की सहायता राशि उन्हें बताए बिना कथित पत्नी श्रेया राय को सौंप दी गई। उनका कहना है कि स्थानीय प्रशासन ने इस प्रक्रिया की जानकारी परिवार को नहीं दी। पिता का आरोप है कि चेक मिलने के बाद श्रेया अपने घर लौट गई और परिवार को इसकी सूचना तक नहीं दी गई।
नवंबर में होनी थी शादी
परिवार के अनुसार शुभम और आजमगढ़ निवासी श्रेया राय एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और दोनों के बीच विवाह तय था। इसी वर्ष नवंबर में शादी होनी थी, लेकिन परिवार में बुजुर्ग सदस्य के निधन के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी कोर्ट मैरिज या कानूनी विवाह की आधिकारिक जानकारी नहीं थी।
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अंतिम संस्कार में पहुंची, फिर लौट गई श्रेया
परिजनों के मुताबिक शहादत की खबर मिलने के बाद श्रेया गांव पहुंची थी और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुई। हालांकि परिवार का दावा है कि इसके कुछ समय बाद वह सहायता राशि का चेक लेकर वापस चली गई।
रक्षा मंत्री से लगाई न्याय की गुहार
बेटे को खोने के दुख के बीच परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है। शहीद के पिता का कहना है कि यदि श्रेया वास्तव में शुभम की पत्नी हैं तो उन्हें उसका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन पूरे मामले की पारदर्शी जांच भी जरूरी है। परिवार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप की अपील करते हुए सहायता राशि वितरण की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।












