डीएपी के नाम पर किसानों से ठगी, 471 बोरी अवैध खाद जब्त; कृषि विभाग ने की छापेमारी
सिवनी मालवा। किसानों को 52 प्रतिशत सिलिका भूमि सुधारक एसएसपी खाद बताकर बेचे जाने की बात सामने आई है। कृषि विभाग ने मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रूपादेह में खाद बेचने का मामला सामने आया
ग्राम रूपादेह में खाद से भरा एक ट्रक पहुंचा था, जहां से किसानों को उधारी में खाद दिया जा रहा था। इसी दौरान भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष रामेश्वर जाट ने ट्रक के पास पहुंचकर संबंधित व्यक्ति से खाद के संबंध में जानकारी मांगी।
संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर दी सूचना
रामेश्वर जाट को संबंधित व्यक्ति खाद के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाया, जिसके बाद उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलने पर कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक में रखे उत्पाद की जांच की।
ट्रक में मिलीं 471 बोरी सिलिका भूमि सुधारक
कृषि विभाग के सहायक संचालक शैलेन्द्र राठौर ने बताया कि ट्रक की जांच में 471 बोरी मिलीं, जिन पर 52 प्रतिशत सिलिका भूमि सुधारक लिखा हुआ था। किसानों से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि उत्पाद को उन्हें राखड़ बताकर दिया जा रहा था और एसएसपी खाद के नाम से बेचा जा रहा था।
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किसानों को दूसरे नाम से उत्पाद बेचने का आरोप
जांच में उत्पाद की पहचान सिलिका भूमि सुधारक के रूप में हुई, जबकि किसानों को इसकी जानकारी दूसरे नाम से दी जा रही थी। इस तरह किसानों को भ्रमित कर उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है, जिसके बाद ट्रक को थाने लाया गया।
कृषि विभाग कर रहा आगे की कार्रवाई
कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद मामले में प्रकरण दर्ज कराने की प्रक्रिया की जा रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि उत्पाद की गुणवत्ता, उसकी बिक्री और संबंधित लोगों की भूमिका क्या रही, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






















