Aniruddh Singh
31 Dec 2025
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 5 जनवरी को, दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार का समापन कमजोरी में हुआ। वैश्विक संकेतों, चुनिंदा सेक्टर्स में बिकवाली और निवेशकों की सतर्कता के चलते प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 321.29 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,440.72 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 84.50 अंक या 0.32 प्रतिशत फिसलकर 26,244.05 पर आ गया। निफ्टी का 26,250 के नीचे बंद होना यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल मजबूती की बजाय संभलकर कारोबार करने का माहौल है। आज के कारोबार के दौरान निफ्टी ने 26,373.20 पर पहुंचकर नया रिकार्ड हाई बनाया। लेकिन बाद में बिकवाली शुरू होने से इसमें गिरावट देखने को मिली।

आज के सत्र में आईटी, टेलीकॉम और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। आईटी कंपनियों के शेयरों में 0.5 से 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली, जिसमें एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और विप्रो जैसे बड़े नाम शामिल रहे। इसी तरह तेल और गैस सेक्टर में ओएनजीसी जैसे शेयरों में कमजोरी रही, जिससे इंडेक्स को नीचे खींचने में योगदान मिला। टेलीकॉम सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव नजर आया, जिसने बाजार की धारणा को और कमजोर किया। हालांकि, सभी सेक्टर्स में निराशा नहीं दिखी। रियल्टी सेक्टर में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली, जो यह संकेत देती है कि निवेशक चुनिंदा क्षेत्रों में अभी भी मौके तलाश रहे हैं।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि मेटल सेक्टर ने भी करीब 0.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। यह बताता है कि बाजार में सेक्टर रोटेशन जारी है और पैसा एक सेक्टर से निकलकर दूसरे में जा रहा है। शेयर स्तर पर देखें तो निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, विप्रो और ओएनजीसी शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर नेस्ले इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आयशर मोटर्स, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाकर कुछ हद तक गिरावट को संतुलित किया।

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे यह संकेत मिलता है कि बड़े शेयरों की तुलना में मझोले और छोटे शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। कुल मिलाकर, बाजार की आज की चाल यह दर्शाती है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक अनिश्चितताओं और सेक्टोरल दबावों के बीच सतर्क रुख अपना रहे हैं। गिरावट भले ही बड़ी न हो, लेकिन यह संकेत देती है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बाजार बंद होते समय बीएसई का मार्केट कैप 480.67 लाख करोड़ रुपए या 5.32 ट्रिलियन डॉलर रहा।