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Share Market Today : सेंसेक्स में 376 अंक टूटा, निफ्टी 26,200 के नीचे, एचडीएफसी व रिलायंस में बड़ी गिरावट 

सेंसेक्स मंगलवार को 376 अंक टूट गया और निफ्टी 26,200 के नीचे बंद हुआ। मुनाफावसूली, एफआईआई बिकवाली, ट्रंप के टैरिफ बयान और भू-राजनीतिक तनाव से बाजार पर दबाव बना। पढ़ें पूरी खबर। 
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सेंसेक्स में 376 अंक टूटा, निफ्टी 26,200 के नीचे, एचडीएफसी व रिलायंस में बड़ी गिरावट 

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 376.28 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 26,200 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलते हुए 71.60 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 26,178.70 पर आ गया। खास बात यह रही कि यह गिरावट ऐसे समय में दर्ज की गई, जब एक दिन पहले ही निफ्टी ने कारोबार के दौरान नया रिकॉर्ड स्तर छुआ था। बाजार में आई इस कमजोरी से यह संकेत मिलता है कि ऊंचे स्तरों पर निवेशक फिलहाल जोखिम उठाने से बच रहे हैं। हालिया तेजी के बाद बड़े शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला, जिसने सूचकांकों की चाल को कमजोर कर दिया।  एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट शेयर में करीब 2 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट ने बाजार की धारणा को खासा प्रभावित किया। 

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वैश्विक अनिश्चितताओं ने बढ़ाई चिंता 

चूंकि इन शेयरों का सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ा वेटेज होता है, इसलिए इनकी गिरावट का असर पूरे बाजार पर पड़ा। वैश्विक मोर्चे पर भी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी ने बाजार में असहजता पैदा की। रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर दिए गए इस बयान से यह आशंका गहराई कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर भारतीय कंपनियों और निर्यात आधारित सेक्टर्स पर पड़ सकता है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। एफआईआई की ओर से शेयरों की बिक्री से बाजार में तरलता घटती है और निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है। 

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एफआईआई की बिकवाली ने बनाया दबाव 

घरेलू निवेशक भी अक्सर एफआईआई के रुख को बाजार के संकेत के तौर पर देखते हैं, जिससे मनोवैज्ञानिक दबाव और बढ़ जाता है। भू-राजनीतिक स्तर पर वेनेजुएला से जुड़ी घटनाओं ने भी वैश्विक अस्थिरता को बढ़ाया। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकते हैं और जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाते हैं। इसी का असर बाजार में बढ़ती अस्थिरता के रूप में दिखा, जहां इंडिया वीआईएक्स में तेजी दर्ज की गई। कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है, बल्कि यह ऊंचे स्तरों पर सतर्कता, वैश्विक तनाव और निवेशकों की सावधानी भरी रणनीति को दर्शाती है। 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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