Share Market Today:सेंसेक्स 1092 अंक टूटा, निफ्टी 359 अंक गिरकर 23548 पर बंद; ऑटो और मेटल सेक्टर में बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1092 अंक टूटकर 74,775 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 359 अंक फिसलकर 23,547 पर आ गया। दिनभर बाजार पर दबाव बना रहा और निवेशकों ने कई सेक्टर्स में मुनाफावसूली की। आज के कारोबार में मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। इसके अलावा कई दिग्गज कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए।
अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता
ग्लोबल बाजारों में इस समय अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग प्रतिबंध हटाने को लेकर बातचीत की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अभी इस समझौते को लेकर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की स्वीकृति का इंतजार बताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर ईरानी मीडिया समझौते को अभी अधूरा बता रहा है। इस अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
बाजार पर दबाव बढ़ाने में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बड़ी वजह रही। हालिया कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,043 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। पिछले एक सप्ताह के दौरान विदेशी निवेशकों ने कुल मिलाकर करीब 2,629 करोड़ रुपए की निकासी की है। वहीं पिछले 30 दिनों में यह आंकड़ा 42,905 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच गया है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली भारतीय बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। हालिया सत्र में उन्होंने 3,821 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। पिछले 7 दिनों में उनकी कुल खरीदारी 9,039 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में करीब 69,392 करोड़ रुपए रही है। हालांकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी भी विदेशी बिकवाली के दबाव को पूरी तरह संतुलित नहीं कर सकी।
ये भी पढ़ें: युद्ध के बाद बदलेगा ईरान! महंगाई से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, संसद से बोले खामेनेई- अब अर्थव्यवस्था संभालने का समय
कमजोर मानसून की आशंका से बढ़ी चिंता
बाजार की चिंता बढ़ाने वाला एक और बड़ा कारण मानसून को लेकर सामने आया नया अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के अनुमान को 92 प्रतिशत से घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा मानसून के केरल पहुंचने में भी देरी की आशंका जताई जा रही है। प्रशांत महासागर में अल नीनो प्रभाव मजबूत होने की खबरों ने भी कृषि क्षेत्र और ग्रामीण मांग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। निवेशकों को डर है कि यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसका असर अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता मांग पर पड़ सकता है।
24,000 के स्तर पर अटका निफ्टी
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी अभी भी 24,000 के अहम स्तर को पार कर स्थिर नहीं हो पाया है। यही वजह है कि निवेशक सतर्क बने हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था और 24,000 के स्तर के आसपास लगातार दबाव देखने को मिल रहा था। इस स्तर को पार नहीं कर पाने के कारण ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिससे बाजार में गिरावट और बढ़ गई।
इंडिया VIX में उछाल, बढ़ा डर
बाजार में डर और अनिश्चितता का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स भी शुक्रवार को करीब 6 प्रतिशत उछलकर 15.91 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक VIX का बढ़ना इस बात का संकेत है कि निवेशक आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल बाजार में खरीदारों की तुलना में बिकवाली करने वाले निवेशक अधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।












