नई दिल्ली/जबलपुर। रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक अभय मिश्रा को सर्वोच्च न्यायालय ने भी राहत देने से इनकार कर दिया है। उनके खिलाफ मप्र हाईकोर्ट में दायर की गई चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने वापस लेने के कारण उनकी याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, अभय मिश्रा को यह स्वतंत्रता जरूर दी है कि वे सीपीसी और जन प्रतिनिधिनित्व कानून में उपलब्ध विकल्पों का सहारा लेने स्वतंत्र हैं।
वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस के अभय मिश्रा चुनाव जीते थे। मिश्रा द्वारा नामांकन में लगाए गए आपराधिक रिकॉर्ड के शपथपत्र पर सवाल उठाते हुए भाजपा के उम्मीदवार कृष्ण पति त्रिपाठी ने यह याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। इस याचिका पर आपत्ति जताते हुए अभय मिश्रा ने एक आवेदन लगाकर चुनाव याचिका खारिज किए जाने की प्रार्थना हाईकोर्ट से की थी। हाईकोर्ट ने माना था कि 16 जनवरी 2024 को दाखिल हुई इस याचिका पर अभय मिश्रा ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया और याचिका में उठाए गए मुद्दे पर सुनवाई होना जरूरी है।
हाईकोर्ट के जस्टिस विनय सराफ की सिंगल बेंच ने अभय मिश्रा की आपत्ति खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान कृष्णपति त्रिपाठी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव व अधिवक्ता सिद्धार्थ कुमार शर्मा ने अपनी आपत्तियां पेश कीं। शीर्ष न्यायालय द्वारा राहत देने से इंकार किए जाने पर अभय मिश्रा की ओर से याचिका वापस ले ली गई।