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लंदन टूर विवाद में तीन डॉक्टरों को बड़ी राहत!लाइसेन्स सस्पेंशन के आदेश को हाईकोर्ट ने किया खारिज

जबलपुर के तीन डॉक्टरों को लंबे समय से चल रहे लंदन टूर विवाद में आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिल की एथिक्स कमेटी द्वारा दिए गए लाइसेंस निलंबन के आदेश को खारिज कर दिया है।
लाइसेन्स सस्पेंशन के आदेश को हाईकोर्ट ने किया खारिज

जबलपुर के तीन डॉक्टरों को लंबे समय से चल रहे लंदन टूर विवाद में आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिल की एथिक्स कमेटी द्वारा दिए गए लाइसेंस निलंबन के आदेश को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल शक के आधार पर इतनी गंभीर कार्रवाई नहीं की जा सकती, इसके लिए ठोस सबूत जरूरी होते हैं।

11 साल पुराने मामले में आया फैसला

यह मामला वर्ष 2012 के एक विदेश दौरे से जुड़ा है। आरोप था कि जबलपुर के तीन डॉक्टर डॉ. आलोक अग्रवाल, डॉ. प्राची सक्सेना और डॉ. हर्ष सक्सेना का लंदन टूर एक फार्मा कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस शिकायत के आधार पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया की एथिक्स कमेटी ने 18 फरवरी 2015 को तीनों डॉक्टरों के लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिए थे।

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डॉक्टरों ने दी थी सफाई

तीनों डॉक्टरों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उन्होंने अपने टूर का पूरा खर्च खुद वहन किया था और ट्रैवल एजेंसी को भुगतान अपने निजी खातों से चेक के माध्यम से किया गया था। उनका तर्क था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद हैं।

हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक खोत की बेंच ने मेडिकल काउंसिल की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि एथिक्स कमेटी ने उपलब्ध साक्ष्यों की अनदेखी की और केवल इस आधार पर निष्कर्ष निकाला कि संभव है कि डॉक्टरों को बाद में पैसा वापस कर दिया गया हो। कोर्ट ने इस तर्क को पूरी तरह अनुमान आधारित बताते हुए कहा कि बिना ठोस प्रमाण के इस तरह की सजा देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

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सस्पेंशन आदेश किया रद्द

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी आरोप को साबित करने के लिए पुख्ता साक्ष्य न हों, तब तक किसी के पेशेवर अधिकारों पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने तीनों डॉक्टरों के खिलाफ जारी लाइसेंस निलंबन के आदेश को निरस्त कर दिया।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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