नासिक। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट से जुड़े जबरन धर्मांतरण और महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर मामले में फरार आरोपी निदा खान को फिलहाल कोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को होगी, जिसमें अग्रिम जमानत और अंतरिम सुरक्षा दोनों पर फैसला हो सकता है।
आरोपी की ओर से अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित रहने के दौरान अंतरिम राहत देने की मांग की गई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता पक्ष ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके चलते अब 27 अप्रैल को दोनों पक्षों की दलीलों के बाद सुनवाई होगी।
इस मामले में मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान पिछले कई दिनों से फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में टीम भेजी है। जांच एजेंसियां लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही हैं।
आरोपी के परिवार ने वकील बाबा खान के माध्यम से बताया है कि निदा खान फिलहाल मुंबई में है और गर्भवती है। बताया जा रहा है कि वह अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली है। इसी आधार पर कोर्ट में राहत की मांग की गई है।
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जांच एजेंसियां आरोपी की प्रेग्नेंसी के दावे की पुष्टि करने के लिए मेडिकल जांच कराने की तैयारी कर रही हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो आरोपी को हिरासत में लेकर भी जांच की जा सकती है।
आरोपी के वकील बाबा खान ने कहा कि अगर निचली अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलती है, तो वे सेशन कोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपों के बाद से आरोपी का परिवार मानसिक तनाव में है।
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नासिक स्थित TCS यूनिट में जबरन धर्मांतरण और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप सामने आए हैं। इस मामले ने आईटी सेक्टर और प्रशासन दोनों में हलचल मचा दी है। अब सभी की नजर 27 अप्रैल की सुनवाई पर है, जहां से मामले की दिशा तय हो सकती है।