जबलपुर जेल में सनसनी : अस्पताल वार्ड के बाथरूम में बंदी ने टॉवल से लगाई फांसी, जांच में जुटी पुलिस

जबलपुर की नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में एक विचाराधीन बंदी ने अस्पताल वार्ड के बाथरूम में टॉवल से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस जांच में जुट गई है। जानिए पूरा मामला, बंदी की पहचान और आखिर क्यों उठाया उसने यह कदम।
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अस्पताल वार्ड के बाथरूम में बंदी ने टॉवल से लगाई फांसी, जांच में जुटी पुलिस

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में सोमवार सुबह एक विचाराधीन बंदी ने अस्पताल वार्ड नंबर 3 के बाथरूम में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। यह घटना बंदी अस्पताल में अन्य कैदियों व स्टाफ की मौजूदगी के बीच हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश की जा रही है।  

हत्या के मामले में था आरोपी 

जेल प्रशासन के मुताबिक मृतक बंदी की पहचान संजीवनी नगर निवासी गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा (60) के रूप में हुई है। वह हत्या समेत अन्य धाराओं में आरोपी था और 16 अगस्त 2024 को जेल में दाखिल किया गया था। उसका मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन था और सुनवाई सेशन में चल रही थी। स्वास्थ्य खराब होने के चलते उसे जेल के अस्पताल वार्ड नंबर 3 में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज जारी था।

सुबह तक सब कुछ सामान्य था 

बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह तक सब कुछ सामान्य था। बंदी राजा विश्वकर्मा ने वार्ड में मौजूद अन्य कैदियों से बातचीत भी की थी और नाश्ता भी किया था। करीब 8 बजे के आसपास वह टॉवल लेकर अस्पताल वार्ड के बाथरूम में गया, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। जब अन्य बंदियों को शक हुआ, तो उन्होंने दरवाजा खोला। अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए क्योंकि बंदी टॉवल के सहारे फांसी पर लटका हुआ था। 

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तुरंत मच गई अफरा-तफरी 

घटना सामने आते ही जेल स्टाफ और अन्य बंदियों में हड़कंप मच गया। तुरंत अधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर सभी पहुंचे। इसके बाद स्थानीय सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन को खबर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

वार्ड में 22 बंदी मौजूद थे

जानकारी के अनुसार जिस अस्पताल वार्ड में यह घटना हुई, वहां कुल 22 बंदी भर्ती थे। सुबह वार्ड में सफाई का काम भी चल रहा था और उसी दौरान नाश्ता भी वितरित किया गया था। इसी बीच राजा विश्वकर्मा बाथरूम गया और वहीं यह कदम उठा लिया। इतने लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी को समय रहते अंदाजा नहीं हो पाया, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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जेल प्रशासन का बयान 

उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश ने बताया कि बंदी गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा अस्पताल वार्ड में भर्ती था। सोमवार सुबह वह बाथरूम गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया। जब दरवाजा खोला गया, तो वह फांसी पर लटका मिला। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि बंदी ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है और पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। 

परिजनों को दी गई सूचना

घटना के बाद बंदी के परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है।

Sona  Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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