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इंदौर:खुद भर जाएंगी कंक्रीट की दरारें, नई तकनीक से निर्माण होगा ज्यादा मजबूत

अब कंक्रीट में दरारें आना बड़ी समस्या नहीं रह जाएगी। नई सेल्फ-हीलिंग तकनीक से दरारें अपने आप भर सकेंगी। इससे निर्माण ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ होगा। नई तकनीक से कंक्रीट खुद अपनी दरारें भर सकेगी, जिससे मजबूती बढ़ेगी। बैक्टीरिया आधारित यह सिस्टम निर्माण को आसान और टिकाऊ बनाएगा। इससे बड़े प्रोजेक्ट्स में लागत कम होगी और संरचनाएं लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।
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खुद भर जाएंगी कंक्रीट की दरारें, नई तकनीक से निर्माण होगा ज्यादा मजबूत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    निर्माण कार्यों में कंक्रीट की दरारें हमेशा से बड़ी चुनौती रही हैं, जिससे इमारतों, पुलों और सड़कों की मजबूती प्रभावित होती है। लेकिन अब इस समस्या का समाधान सामने आया है। इंदौर के एसजीएसआईटीएस के रिसर्च स्कॉलर प्रियंम चौहान ने एक ऐसी तकनीक पर शोध किया है, जिसमें कंक्रीट खुद अपनी दरारें भर लेता है। इस तकनीक को सेल्फ-हीलिंग सेल्फ-कम्पैक्टिंग कंक्रीट (SH-SCC) कहा जाता है, जो निर्माण क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।

    बैक्टीरिया से खुद ठीक होगी दरार

    इस तकनीक में बेसिलस सबटिलिस नाम के बैक्टीरिया का उपयोग किया जाता है। ये बैक्टीरिया कंक्रीट के अंदर निष्क्रिय अवस्था में रहते हैं। जैसे ही कंक्रीट में दरार बनती है और उसमें पानी पहुंचता है, बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं और कैल्शियम कार्बोनेट बनाते हैं। यही पदार्थ दरारों को भर देता है, जिससे कंक्रीट फिर से मजबूत हो जाती है।

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    बिना वाइब्रेशन के आसान निर्माण

    इस तकनीक में सेल्फ-कम्पैक्टिंग कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है, जो खुद ही फैलकर अपनी जगह पर जम जाता है। इसके लिए वाइब्रेशन की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे निर्माण प्रक्रिया आसान हो जाती है। इससे समय की बचत होती है और मजदूरी लागत भी कम होती है।

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    परीक्षण में मिले शानदार परिणाम

    शोध के दौरान 0.2 मिमी से 0.5 मिमी तक की दरारों पर परीक्षण किया गया। 28 दिनों के भीतर 0.2 मिमी तक की दरारें पूरी तरह भर गईं, जबकि बड़ी दरारों में भी काफी सुधार देखा गया। इसके अलावा इस कंक्रीट की मजबूती सामान्य कंक्रीट से करीब 10 प्रतिशत अधिक पाई गई और पानी सोखने की क्षमता में 20 प्रतिशत तक कमी आई।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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