सीहोर में संबल योजना के लंबित मामलों पर कलेक्टर नाराज, श्रम अधिकारी को नोटिस; जनपद-सीएमओ को सख्त हिदायत

सीहोर। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर बालागुरू के. ने संबल योजना के लंबित आवेदनों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही सामने आने पर श्रम अधिकारी राजेन्द्र गोड़ को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को लंबित आवेदनों का प्राथमिकता से जल्द निराकरण करने की हिदायत दी। कलेक्टर ने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
संबल योजना के लंबित आवेदनों पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना की समीक्षा के दौरान लंबित आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। कलेक्टर ने श्रम अधिकारी राजेन्द्र गोड़ को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को संबल योजना से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निराकरण करने को कहा।
श्रमिक परिवारों को समय पर मिले योजना का लाभ
कलेक्टर ने कहा कि संबल योजना का लाभ मुख्य रूप से श्रमिक वर्ग से जुड़े परिवारों को मिलता है। ऐसे परिवारों के लिए शासन की सहायता महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पात्र हितग्राहियों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ दिलाया जाए।
जन विश्वास शिविरों में मौके पर हो समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों में ग्रामीणों की समस्याएं और आवेदन लिए जाएं तथा अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर ही किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अभियान का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब आमजन को मौके पर त्वरित समाधान और शासन की सेवाओं का लाभ मिले।
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में संवेदनशीलता बरतें
बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के मामले ऐसे परिवारों से जुड़े होते हैं, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्य को खोया है और कई बार कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए पात्र आवेदकों के मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। नियमों के अनुसार जल्द से जल्द प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
न्यायालयीन मामलों में लापरवाही पर भी सख्ती
कलेक्टर ने विभागों से जुड़े न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करने और न्यायालय के आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। आदेशों के पालन में देरी से अवमानना की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री के काम की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को पटवारियों द्वारा किए जा रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक पटवारी के लिए लक्ष्य तय कर पात्र किसानों की फार्मर आईडी जल्द बनाने के निर्देश दिए। जरूरत के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाने को भी कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
वन अनुमति के मामलों में देरी न हो
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वन क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी अनुमतियां जल्द लेने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण विभागों को वन अधिकारियों से समन्वय कर अनुमति की प्रक्रिया पूरी करने को कहा, ताकि विकास कार्यों में देरी न हो। बैठक में अपर कलेक्टर बृजेश सक्सेना, संयुक्त कलेक्टर रविन्द्र परमार, एसडीएम तन्मय वर्मा, स्वाती मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर गिरिराज सिंह परिहार सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।




















