MY अस्पताल में ‘चूहा कांड’ के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था; खुले में रखा खाना बढ़ा रहा खतरा, मरीजों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इंदौर। मध्य भारत के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय में चूहा कांड के बाद प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे किए थे। बाहरी भोजन पर प्रतिबंध लगाया गया, निगरानी बढ़ाने और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई। लेकिन ताजा तस्वीरों ने इन दावों की पोल खोल दी है। कैंसर अस्पताल परिसर के गेट पर खुले में रखे खाद्य पदार्थ साफ दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रतिबंध का पालन कौन करा रहा है?
चूहा कांड के बाद लिए गए थे कई फैसले
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवजात शिशुओं को चूहों द्वारा काटे जाने की घटनाओं ने एमवाय अस्पताल की व्यवस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कटघरे में खड़ा कर दिया था। घटना के बाद प्रशासन ने पेस्ट कंट्रोल अभियान चलाने, वार्डों की निगरानी बढ़ाने और परिसर में भोजन वितरण पर रोक लगाने जैसे कई फैसले लिए थे। उस समय दावा किया गया था कि अस्पताल परिसर में ऐसी कोई गतिविधि नहीं होने दी जाएगी, जिससे चूहों और अन्य जानवरों को आकर्षण मिले। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में खुले में रखा भोजन प्रशासनिक दावों की हकीकत उजागर कर रहा है। खुले में रखी खाद्य सामग्री चूहों, बिल्लियों और अन्य जानवरों को आकर्षित करती है, जिससे संक्रमण फैलने और स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
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जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भोजन वितरण और बाहरी खाद्य सामग्री पर प्रतिबंध लागू है, तो फिर यह सामान अस्पताल परिसर तक पहुंच कैसे रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? रोजाना हजारों मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही वाले अस्पताल में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। चूहा कांड के बाद सख्ती के दावे जरूर किए गए, लेकिन तस्वीरें बता रही हैं कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अब भी ढीली हैं। मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता को लेकर अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो पुराने विवाद फिर नए सिरे से चर्चा का विषय बन सकते हैं।
वह कैंसर अस्पताल का क्षेत्र है
जिस जगह पर खाना पड़ा हुआ है वह कैंसर अस्पताल का क्षेत्र है। इस संबंध में कैंसर अस्पताल की अधीक्षक से बात कीजिए।
डॉ. अशोक यादव, अधीक्षक, एमवाय अस्पताल
आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
'परिसर में डस्टबिन रखे गए थे, लेकिन कई डस्टबिन क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। संबंधित एजेंसी और कंपनी को इस पर ध्यान देना चाहिए, ताकि लोग खाने-पीने का सामान इधर-उधर न फेंकें। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'
डॉ. रमेश आर्य, अधीक्षक, कैंसर अस्पताल
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