ई-मोबिलिटी इंडेक्स में मध्यप्रदेश की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 23वें से 7वें स्थान पर पहुंचा प्रदेश

भोपाल। वर्ष 2024 में 31 अंक के साथ मध्यप्रदेश 23वें स्थान पर था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 59 अंक और 7वें स्थान पर पहुंच गया। इंडेक्स में परिवहन विद्युतीकरण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी रिसर्च-इनोवेशन समेत विभिन्न संकेतकों पर राज्यों का आकलन किया गया है।
एक साल में 16 स्थान ऊपर पहुंचा मध्यप्रदेश
वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश को 31 अंक मिले थे और प्रदेश 23वें स्थान पर रहा था। वर्ष 2025 में प्रदेश ने 59 अंक हासिल किए और 7वें स्थान पर पहुंच गया। यानी एक साल में रैंकिंग में 16 स्थान का सुधार दर्ज हुआ है।
ई-वाहनों के पंजीयन में 124% की वृद्धि
मध्यप्रदेश में ई-वाहनों के पंजीयन में भी तेजी आई है। वर्ष 2024-25 में कुल 58,524 ई-वाहन पंजीकृत हुए थे, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,31,158 हो गए। इनमें दोपहिया वाहनों का पंजीयन 54,108 से बढ़कर 1,06,136, तिपहिया 3,061 से बढ़कर 19,003 और चार पहिया वाहनों का पंजीयन 1,284 से बढ़कर 3,486 हो गया। कुल ई-वाहन पंजीयन में 124 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है।
मार्च से सितंबर 2026 तक 1 लाख से ज्यादा ई-वाहन
राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मार्च-सितंबर 2026 में 1,00,064 ई-वाहन पंजीकृत हुए हैं। वहीं प्रदेश में 1,780 चार्जिंग स्टेशन क्रियाशील हैं, इनमें सार्वजनिक तेल कंपनियों के 650 और निजी ऑपरेटरों के 1,130 स्टेशन शामिल हैं।
पांच शहरों को मॉडल ईवी सिटी बनाने की तैयारी
मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल ईवी सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विद्युतीकरण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी रिसर्च-इनोवेशन समेत विभिन्न संकेतकों पर काम किया जा रहा है।
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दिल्ली पहले, मध्यप्रदेश 7वें स्थान पर
इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स-2025 में दिल्ली 84 अंक के साथ पहले स्थान पर रही। महाराष्ट्र 78 अंक के साथ दूसरे, कर्नाटक 73 अंक के साथ तीसरे, चंडीगढ़ 71 अंक के साथ चौथे, गोवा 65 अंक के साथ पांचवें और तमिलनाडु 61 अंक के साथ छठे स्थान पर रहा। मध्यप्रदेश 59 अंक के साथ 7वें स्थान पर है।




















