सीहोर:राजगढ़ और भोपाल के 20 पीड़ितों का उपचार शुरू, नशा मुक्त मध्य प्रदेश के संकल्प को मिली नई रफ्तार

सीहोर। मध्य प्रदेश में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान को अब नई गति मिलती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किए गए इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मध्य प्रदेश पुलिस और संकल्प नशा मुक्ति केंद्र ने संयुक्त पहल करते हुए नशे के शिकार लोगों को उपचार से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य शुरू किया है। इसी क्रम में बुधवार को राजगढ़ और भोपाल से कुल 20 नशा पीड़ितों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
राजगढ़ से 14 और भोपाल से 6 मरीज हुए भर्ती
संकल्प नशा मुक्ति केंद्र के संचालक राहुल सिंह ने बताया कि राजगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में 14 नशा पीड़ितों को पुलिस वाहन के माध्यम से सीहोर स्थित संकल्प नशा मुक्ति केंद्र लाया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद उपचार शुरू किया गया। वहीं भोपाल एसीपी अदिति सक्सेना के मार्गदर्शन में छह नशा पीड़ितों को भोपाल स्थित संकल्प नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कर इलाज प्रारंभ किया गया।
जागरूकता के साथ उपचार पर भी विशेष फोकस
राहुल सिंह ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए केवल जागरूकता अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। संकल्प नशा मुक्ति केंद्र इसी उद्देश्य के साथ पुलिस और प्रशासन के सहयोग से कार्य कर रहा है।
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तीन जिलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा केंद्र
उन्होंने बताया कि संकल्प नशा मुक्ति केंद्र अपनी सीहोर, भोपाल और नर्मदापुरम (होशंगाबाद) शाखाओं के माध्यम से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर नशा मुक्ति अभियान को मजबूत कर रहा है। संस्था का लक्ष्य प्रत्येक नशा पीड़ित को उपचार देकर उसे स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है।
गांव-शहर तक पहुंचेगा जनजागरूकता अभियान
अभियान के तहत पुलिस द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोगों को स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील
राहुल सिंह ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो उसे छिपाने के बजाय उपचार के लिए आगे लाएं। नशा एक गंभीर बीमारी है और समय पर उपचार से इससे मुक्ति संभव है। समाज, पुलिस, प्रशासन और परिवार के सामूहिक प्रयासों से ही नशा मुक्त मध्य प्रदेश का सपना साकार किया जा सकता है।
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पुलिस अधिकारियों ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशे से दूर रहने, युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा अभियान को सफल बनाने का संकल्प भी लिया। पुलिस और समाज की यह साझेदारी नशा मुक्त प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Edited By: Sumit Shrivastava












