बाढ़ पीड़ितों के हक में कांग्रेस ने की पदयात्रा; महिलाओं ने भी संभाला मोर्चा, तत्काल आर्थिक सहायता-राशन और जरूरी सुविधाओं की मांग

सीहोर। विधानसभा क्षेत्र के करीब चार दर्जन गांवों में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत और न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में अहमदपुर से श्यामपुर तक राहत पैकेज पदयात्रा शुरू हुई। पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित ग्रामीण, किसान और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में कांग्रेस के झंडे और बाढ़ पीड़ितों के हक की मांग के साथ पदयात्री श्यामपुर की ओर बढ़े।
महिलाओं ने भी संभाला मोर्चा
पदयात्रा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। बाढ़ से प्रभावित परिवारों की महिलाएं भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं। महिलाओं ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इससे पदयात्रा केवल राजनीतिक प्रदर्शन न रहकर प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सामने लाने का माध्यम बनती नजर आई।
बाढ़ ने गांवों में छोड़े तबाही के निशान
हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण सीहोर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या ढह गए, खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं और घरों में रखा अनाज तथा अन्य सामान पानी की चपेट में आ गया। ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ का असर पशुधन, दुकानों और रोजमर्रा की आजीविका पर भी पड़ा है। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से तत्काल राहत और नुकसान के अनुरूप मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
अहमदपुर से शुरू होकर श्यामपुर पहुंची पदयात्रा
कांग्रेस की पदयात्रा अहमदपुर से शुरू होकर वानखेड़ा और चरनाल होते हुए आगे बढ़ी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चरनाल में पदयात्रियों का अल्प विश्राम रखा गया। इसके बाद यात्रा के दूसरे चरण में छतरी गांव से आगे बढ़ते हुए सोठी के रास्ते श्यामपुर पहुंचने का कार्यक्रम रहा। रास्ते में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं।
विशेष राहत पैकेज की उठी मांग
कांग्रेस ने मांग की कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार के लिए तत्काल विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनके वास्तविक नुकसान के आधार पर राहत और मुआवजा मिलना चाहिए। इसके लिए राजस्व विभाग से निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वे कराने की मांग की गई, ताकि किसी भी पात्र परिवार को राहत से वंचित न होना पड़े।
ये भी पढ़ें: मप्र में चार IAS अफसरों के तबादले-भारती जाटव बनीं उच्च शिक्षा विभाग में अपर सचिव
सड़क, पुल और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
कांग्रेस के ज्ञापन में बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, रास्तों और पुल-पुलियाओं की तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी शामिल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित बिजली व्यवस्था को जल्द बहाल करने तथा जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न और आवश्यक सहायता सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहत केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बाढ़ से प्रभावित बुनियादी सुविधाओं को भी जल्द बहाल किया जाना चाहिए।

श्यामपुर तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन
पदयात्रा का समापन श्यामपुर तहसील कार्यालय पर किया गया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज, मुआवजा और क्षतिग्रस्त सुविधाओं की मरम्मत की मांग रखी गई।
ये भी पढ़ें: सीहोर के इछावर में पानी से भरे गड्ढे ने निगल ली तीन जिंदगियां, दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की मौत
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत और उचित मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अहमदपुर, देवीपुरा, श्यामपुर, दोराहा और सीहोर से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल रहे। कांग्रेस ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए वह सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष जारी रखेगी।














