सीहोर के इछावर में पानी से भरे गड्ढे ने निगल ली तीन जिंदगियां, दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की मौत

सीहोर। बारिश के मौसम में खुले और पानी से भरे गड्ढे किस तरह मासूम जिंदगियों के लिए मौत का कुआं बन सकते हैं, इसका दर्दनाक उदाहरण इछावर में सामने आया। बुधवार दोपहर मोगरा रोड पर बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसे में दो सगे भाइयों सहित तीन परिवारों के चिराग बुझ गए। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नहाने के लिए उतरे थे, फिर पानी में समा गए
जानकारी के अनुसार इछावर के वार्ड नंबर 12 निवासी तीन बच्चे खेलते-खेलते मोगरा रोड की ओर पहुंचे थे। यहां पानी से भरे गड्ढे को देखकर बच्चे उसमें नहाने के लिए उतर गए। कुछ देर बाद जब बच्चे दिखाई नहीं दिए तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान गड्ढे में बच्चों के शव तैरते दिखाई दिए। इसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
दो सगे भाइयों की मौत ने परिवार को तोड़ दिया
हादसे में 12 वर्षीय प्रशांत पिता सुभाल बागरी, 10 वर्षीय पृथ्वीराज पिता सुभाल बागरी और 11 वर्षीय दीक्षांत पिता अखलेश बागरी की मौत हुई है। प्रशांत और पृथ्वीराज सगे भाई थे। एक ही परिवार के दो बच्चों की एक साथ मौत की खबर से परिजन सदमे में हैं। वहीं दीक्षांत की मौत से उसके परिवार में भी मातम छा गया।
पाइपलाइन के लिए खोदा गया था गड्ढा
स्थानीय निवासी जगदीश के अनुसार जिस गड्ढे में तीनों बच्चे डूबे, वह एलएंडटी कंपनी द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदा गया था। बारिश के बाद इस गड्ढे में बड़ी मात्रा में पानी भर गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक गड्ढा खुला पड़ा था, जिसके चलते बच्चे वहां तक पहुंच गए। अब हादसे के बाद गड्ढे की सुरक्षा और उसे खुला छोड़ने से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
इछावर थाना प्रभारी रामबाबू राठौर ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही इछावर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने बच्चों के शवों को गड्ढे से बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। घटना के बाद पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है।
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निर्माण और संभावित लापरवाही की जांच
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि हादसे में इछावर के वार्ड नंबर 12 निवासी तीन बच्चों की मौत हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि गड्ढे के निर्माण, उसकी स्थिति और संभावित लापरवाही समेत हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की वैधानिक जांच की जा रही है।
शवों से लिपटकर रोते रहे परिजन
हादसे के बाद अस्पताल और घटनास्थल पर बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिले। अपने बच्चों के शव देखकर परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कुछ ही देर पहले खेलते और हंसते नजर आए बच्चों की अचानक मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया।
खुले गड्ढों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बारिश के दौरान निर्माण कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भर जाने के बाद वे बेहद खतरनाक हो जाते हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड और आम लोगों की पहुंच रोकने के इंतजाम नहीं होने पर हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इछावर की घटना के बाद अब यह सवाल भी सामने है कि निर्माणाधीन गड्ढे की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और क्या बच्चों को वहां पहुंचने से रोकने के लिए कोई व्यवस्था थी।
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तीन मासूम मौतें छोड़ गईं कई सवाल
इछावर की यह घटना सिर्फ तीन परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि बारिश के मौसम में खुले पड़े निर्माणाधीन गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं। फिलहाल तीन मासूमों की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।












