सीहोर:साइबर ठगी में पुलिस की तत्परता से बची रकम, कोर्ट के आदेश पर पीड़ित को मिलेंगे 2.85 लाख रुपये

सीहोर। साइबर ठगी के मामले में पीड़ित के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दोराहा निवासी राजेश मनोरिया से 4.50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के बाद पुलिस की तत्काल कार्रवाई से ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा खातों में होल्ड कराया गया। अब न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संकेत जैन ने मामले में अहम आदेश जारी करते हुए होल्ड की गई 2,85,173 रुपये की राशि पीड़ित को वापस करने के लिए बैंक को निर्देशित किया है।
ठगी होते ही हरकत में आया तंत्र
जानकारी के अनुसार राजेश मनोरिया के साथ 31 मई 2024 को साइबर ठगी की घटना हुई थी। आरोपियों ने साइबर धोखाधड़ी के जरिए उनसे कुल 4.50 लाख रुपये अलग-अलग दो बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। रकम ट्रांसफर होने के बाद पीड़ित ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल साइबर पुलिस और थाना दोराहा में शिकायत दर्ज कराई।
समय पर शिकायत से बची रकम
शिकायत मिलते ही संबंधित खातों की जानकारी जुटाकर उनमें ट्रांसफर की गई रकम को होल्ड कराने की कार्रवाई की गई। साइबर अपराध में समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इस मामले में शिकायत के बाद हुई त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी गई रकम का एक हिस्सा आगे निकलने से रोका जा सका।
न्यायालय पहुंचा मामला
होल्ड की गई रकम को वापस प्राप्त करने के लिए पीड़ित की ओर से अधिवक्ता राधेश्याम हिंडोलिया के माध्यम से न्यायालय में सुपुर्दनामा आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन में पीड़ित की ठगी गई रकम में से होल्ड राशि को वापस दिलाए जाने की मांग की गई।
कोर्ट ने बैंक को दिए स्पष्ट निर्देश
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संकेत जैन ने अहम आदेश पारित किया। न्यायालय ने बैंक को निर्देशित किया है कि होल्ड की गई 2,85,173 रुपये की राशि पीड़ित राजेश मनोरिया को वापस लौटाई जाए। आदेश के बाद लंबे समय से अटकी रकम के वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
4.50 लाख की ठगी, 2.85 लाख की वापसी
साइबर ठगी की इस घटना में आरोपियों ने कुल 4.50 लाख रुपये की रकम दो खातों में ट्रांसफर कराई थी। कार्रवाई के बाद 2,85,173 रुपये होल्ड किए गए, जिन्हें अब न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित को वापस किया जाएगा। इस तरह साइबर ठगी के बाद आर्थिक नुकसान झेल रहे पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।
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साइबर अपराध में तत्काल शिकायत सबसे अहम
यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर ठगी होने के तुरंत बाद शिकायत करना कितना महत्वपूर्ण है। रकम ट्रांसफर होने के तत्काल बाद पुलिस और साइबर तंत्र को सूचना मिलने पर संबंधित बैंक खातों पर रोक लगाने की संभावना बढ़ जाती है। इस मामले में भी तत्काल शिकायत के बाद की गई कार्रवाई से रकम का एक हिस्सा होल्ड हो सका और अब न्यायालय के आदेश से उसके पीड़ित तक लौटने का रास्ता खुला है।




















