इंदौर गरबा पंडाल में नाबालिग से धक्का-मुक्की, BJP मंडल अध्यक्ष कमल चौहान पर POCSO एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कनकेश्वरी गरबा उत्सव के दौरान 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में बीजेपी मंडल अध्यक्ष कमल चौहान के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। हीरानगर पुलिस ने उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इससे पहले घटना का वीडियो सामने आया था, जिसमें कमल चौहान लड़की को धक्का देते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
कनकेश्वरी गरबा पंडाल में हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात इंदौर के पूर्वी क्षेत्र में स्थित कनकेश्वरी गरबा पंडाल में नाबालिग लड़की अपने परिजन के साथ पहुंची थी। वह गरबा खेलना चाहती थी, लेकिन उसे प्रवेश देने से मना कर दिया गया। इसी बात को लेकर आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे लोगों और लड़की के साथ आए परिजन के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान जीजा बाई मंडल के बीजेपी अध्यक्ष कमल चौहान भी मौके पर पहुंच गए। विवाद के दौरान लड़की के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने का आरोप लगा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की।
वायरल वीडियो में लड़की को धक्का देते दिखे नेता
सामने आए वीडियो में कमल चौहान बैरिकेडिंग पार करके आते और लड़की के परिजन से बहस करते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह लड़की के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आते हैं। वीडियो में लड़की उन्हें हाथ नहीं लगाने के लिए कहती सुनाई देती है। वह उनके व्यवहार पर आपत्ति भी जताती है। इसके बावजूद वीडियो में कमल चौहान लड़की को धक्का देते दिखाई देते हैं। मौके पर मौजूद कुछ लोग उन्हें रोकने की कोशिश करते नजर आते हैं।
हीरानगर पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद हीरानगर पुलिस ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष कमल चौहान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामला चर्चा में है।
कांग्रेस ने भी उठाए थे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने इंदौर महानगर बीजेपी अध्यक्ष सुमित मिश्रा से सवाल किया था कि क्या पार्टी इस घटना के बाद अपने मंडल अध्यक्ष को बर्खास्त करेगी। चौरसिया ने इंदौर पुलिस से भी वीडियो के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बेटियों की सुरक्षा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि कार्रवाई से साबित होती है। मामले में कमल चौहान से संपर्क करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला था। उनका पक्ष सामने नहीं आ सका था।




















