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जमानत के बाद रिहा हुए अभिजीत दीपके, बोले- '24 घंटे बिना वाईफाई और फोन के...'

तिरंगा मार्च से पहले गिरफ्तार हुए CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को सशर्त जमानत मिल गई है। रिहाई के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर 24 घंटे बिना फोन और वाईफाई के जेल में रहने पर प्रतिक्रिया दी।
जमानत के बाद रिहा हुए अभिजीत दीपके, बोले- '24 घंटे बिना वाईफाई और फोन के...'

दिल्ली पुलिस ने तिरंगा मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया था। शनिवार को उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई। रिहाई के बाद दीपके ने सोशल मीडिया पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शाहरुख खान की तस्वीर शेयर करते हुए 24 घंटे तक बिना वाईफाई और फोन के जेल में रहने के अनुभव पर तंज कसा।

जमानत के बाद अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया

रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने शाहरुख खान की तस्वीर के साथ लिखा, '24 घंटे बिना वाईफाई और फोन के जेल से बाहर निकलने पर कैसा महसूस होता है?' उनकी इस पोस्ट को जेल से बाहर आने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

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शांति बॉण्ड पर हस्ताक्षर के बाद मिली जमानत

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी गई। उन्हें शांति बनाए रखने से संबंधित बॉण्ड पर हस्ताक्षर करने को कहा गया था। दीपके जमानत मिलने के बाद राष्ट्रीय कम्युनिस्ट पार्टी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास पर पहुंचे। जमानत की शर्तों के बारे में पूछे जाने पर CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्या शिंदे ने कहा कि दीपके खुद इस बारे में बताएंगे।

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तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था

अभिजीत दीपके को शुक्रवार को दिल्ली के झंडेवालान स्थित उनके घर से बाहर निकलते समय हिरासत में लिया गया था। उन्हें कनॉट प्लेस में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन में शामिल होना था। पुलिस ने उन्हें 10 अक्टूबर को दिए गए शांति बॉण्ड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि शांति बॉण्ड में दिए गए आश्वासन के आधार पर उन्हें रिहा किया गया। अधिकारी ने आगे की जानकारी के लिए लिखित आदेश का इंतजार करने की बात भी कही थी।

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नेहा बोरा को भी लिया गया था हिरासत में

अभिजीत दीपके के तिरंगा मार्च के ऐलान के बाद लेफ्ट एक्टिविस्ट नेहा बोरा भी मंडी हाउस पहुंची थीं। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें देर रात रिहा कर दिया, जबकि अभिजीत दीपके को शनिवार शाम जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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