सीहोर: कांग्रेस का वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान, घर-घर पहुंचेंगे कार्यकर्ता

सीहोर। पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची में हुए बदलावों पर सवाल उठाते हुए पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए गांव-गांव और घर-घर पहुंचने का ऐलान किया। कांग्रेस ने 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक अभियान चलाने और एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली महारैली में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल, बूथ स्तर तक संघर्ष की तैयारी
स्थानीय कुईया श्री गार्डन में सोमवार को आयोजित बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक बाला साहेब थोराट और सह-पर्यवेक्षक रजनीश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने की। इस दौरान संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश, जिला, ब्लॉक, मंडलम और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा।
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वोट रक्षक बनकर घर-घर पहुंचेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
बैठक में मताधिकार की रक्षा को लोकतंत्र की बुनियादी जिम्मेदारी बताते हुए कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने वरिष्ठ नेताओं, ब्लॉक और मंडलम अध्यक्षों और विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों से एकजुट होकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं की पहचान और उनके निराकरण के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। अभियान के तहत गांवों में चौपाल, घर-घर संपर्क और संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी। कांग्रेस कार्यकर्ता वोट रक्षक के रूप में मतदाता सूचियों की जांच करेंगे और मतदाताओं की शिकायतों का रिकॉर्ड तैयार करेंगे। पात्र नागरिकों के नाम जुड़वाने, गलत विवरण सुधरवाने और नाम हटाए जाने से संबंधित मामलों का सत्यापन कर प्रकरण निर्वाचन अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे।
एमपी की मतदाता सूची के आंकड़ों ने बढ़ाई सियासी गर्मी
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मध्यप्रदेश की मतदाता सूचियों में हुए बदलावों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, पुनरीक्षण से पहले प्रदेश में 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 5,31,31,983 रह गई, जबकि अंतिम मतदाता सूची में कुल 5,39,81,065 मतदाता दर्ज किए गए। पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, अंतिम सूची में 2,79,04,975 पुरुष, 2,60,75,186 महिला और 904 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 34,25,078 नाम हटाए गए, जबकि प्रारूप सूची से अंतिम सूची तक 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई। इन आंकड़ों को सामने रखते हुए कांग्रेस नेताओं ने नाम हटाए जाने के कारणों की पारदर्शी जांच की मांग की।
मामलों की जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नियमों का पालन और वास्तविक स्थिति का सत्यापन बेहद जरूरी है। अनुपस्थित, मृत, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के मामलों की उचित जांच होनी चाहिए। पार्टी ने जोर दिया कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलती से नहीं हटना चाहिए और प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार निराकरण किया जाना चाहिए।
एक नवंबर को दिल्ली की महारैली
बैठक में एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की बात कही। पार्टी का जोर मतदाता सूची की जांच के साथ निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने पर है।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बनी रणनीति
बैठक में जिला प्रभारी जयश्री हरिकिरण, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, सीहोर विधानसभा प्रभारी दिनेश मेघानी, इछावर विधानसभा प्रभारी कैलाश परमार और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल विशेष रूप से मौजूद रहे। संगठन महामंत्री विवेक राठौर और सीहोर ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके अलावा कमल सिंह चौहान, विष्णु प्रसाद राठौर, चंपालाल राठौर, ओम वर्मा, प्रीतम दयाल चौरसिया, राशिद चाचा, रमेश गुप्ता, राजाराम, राजेन्द्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




















