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Ujjain Mahakal Sawari:महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर, 6 सवारियों के साथ लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी

पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ उज्जैन में बाबा महाकाल की भक्ति का उत्सव शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर सहित सभी तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने की बात कही। सावन-भादौ में महाकाल की छह सवारियां निकलेंगी।
महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर, 6 सवारियों के साथ लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी
महाकाल सावन सवारी 2026

उज्जैन। भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई से हो गई है। इस दौरान उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्रशासन के अनुमान के अनुसार सावन-भादौ के दौरान रोजाना करीब चार लाख भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेशवासियों को सावन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर सहित सभी तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे

सावन और भादौ महीने में बाबा महाकाल भक्तों को दर्शन देने के लिए छह बार नगर भ्रमण करेंगे। इनमें सावन के चार सोमवार और भादौ के दो सोमवार शामिल हैं। भगवान महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी, जबकि अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को होगी। सवारी शाम चार बजे मंदिर परिसर से शुरू होगी और रामघाट तक जाएगी। यहां शिप्रा नदी के जल से बाबा का अभिषेक, पूजन और आरती की जाएगी। इसके बाद सवारी वापस मंदिर पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पवित्र श्रावण मास की शुरुआत पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह महीना भगवान भोलेनाथ की आराधना और भक्ति का विशेष पर्व है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर सहित सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर आने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए जलपान, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से श्रद्धा और उत्साह के साथ इस पावन पर्व में शामिल होने की अपील की।

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भक्तों के लिए विशेष इंतजाम

महाकाल मंदिर प्रशासन ने सावन-भादौ को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं। सभी आरतियों में श्रद्धालुओं को चलित आरती दर्शन की सुविधा दी जाएगी। सवारी मार्ग पर पांच एलईडी रथ भी शामिल रहेंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 15 स्थानों पर मेडिकल टीम तैनात की जाएगी और 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुचारु दर्शन के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी व्यवस्था तैयार की है।

कांवड़ियों को मिलेगा जल अर्पण अवसर

सावन में आने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंगलवार से शुक्रवार तक कांवड़िए भगवान महाकाल को जल अर्पित कर सकेंगे। श्रद्धालु मंदिर के सभामंडप और कार्तिक मंडपम में बनाए गए जलपात्र के माध्यम से बाबा का जलाभिषेक कर पाएंगे। मंदिर में दर्शन के लिए नंदी द्वार, महाकाल महालोक और अन्य निर्धारित मार्गों से प्रवेश की व्यवस्था रखी गई है।

बदले मंदिर खुलने के समय

श्रावण-भादौ मास के दौरान 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर के पट रोजाना सुबह 3 बजे खुलेंगे। सोमवार को विशेष व्यवस्था के तहत मंदिर सुबह 2:30 बजे खोला जाएगा। भस्म आरती भी सोमवार को सुबह 2:30 बजे से शुरू होगी। 8 सितंबर के बाद मंदिर की व्यवस्था पहले के तय समय के अनुसार संचालित होगी।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए उज्जैन प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया है। सवारी मार्ग पर बैरिकेडिंग, पार्किंग, सफाई और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सवारी के दौरान पुलिस बल की तैनाती रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि भक्तों को बिना परेशानी बाबा महाकाल के दर्शन हो सकें।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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