सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत!पूर्व परिवहन आरक्षक को मिली जमानत, 10 लाख के बॉन्ड पर होंगे रिहा

मध्य प्रदेश के चर्चित मामले में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी अदालत में पेश की जा चुकी है। ऐसे में अब आरोपी को न्यायिक हिरासत में बनाए रखने का कोई उचित कारण नहीं है। अदालत ने सौरभ शर्मा को 10 लाख रुपए के बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट की बेंच ने सुनाया फैसला
यह फैसला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने सुनाया। अदालत ने पहले मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार शाम को आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने सौरभ शर्मा की जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद आरोपी को लगातार हिरासत में रखना आवश्यक नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें राहत प्रदान की।
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ईडी ने फरवरी 2025 में किया था गिरफ्तार
सौरभ शर्मा को 10 फरवरी 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में थे। इस दौरान उन्होंने कई बार जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी। मामले में निचली अदालत से लेकर उच्च अदालतों तक उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होती रहीं। यहां तक कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी।
पत्नी की सर्जरी के लिए भी नहीं मिली थी राहत
गिरफ्तारी के बाद सौरभ शर्मा ने अपनी पत्नी की सर्जरी का हवाला देते हुए अस्थायी जमानत की मांग भी की थी। उन्होंने हाईकोर्ट से मानवीय आधार पर कुछ समय के लिए रिहा करने की अपील की थी, लेकिन उस समय अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की। इसके बाद बदली हुई परिस्थितियों और जांच पूरी होने का हवाला देते हुए उन्होंने तीसरी बार हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
सौरभ शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह और अधिवक्ता अमन डावरा ने अदालत में पैरवी की। उन्होंने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और अब आरोपी को जेल में रखने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने इन तर्कों और मामले की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर कर ली।
10 लाख रुपए के बॉन्ड पर मिलेगी रिहाई
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि सौरभ शर्मा को 10 लाख रुपए के निजी बॉन्ड और अदालत द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों का पालन करने के बाद रिहा किया जाए। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से जेल में बंद सौरभ शर्मा को बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और उन्हें अदालत की निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।










