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सीहोर में आग से उजड़ी दुकान, सोशल मीडिया मुहिम से जुटे ₹1.40 लाख; पीड़ित व्यापारियों को मिली मदद

सीहोर के मंडी क्षेत्र में 2 अक्टूबर की रात आग में एनके एंटरप्राइजेस की दुकान का पूरा माल जलकर राख हो गया। दो युवा व्यापारियों के सामने कारोबार दोबारा खड़ा करने का संकट था, लेकिन संडे का सुकून की पहल से सीहोर से सिंगापुर तक लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया।
‘संडे का सुकून’ ने दिया इंसानियत का संदेश

सीहोर। दुकान में रखा पूरा माल जलकर खाक हो गया और देखते ही देखते मेहनत की कमाई राख के ढेर में तब्दील हो गई। लेकिन इस मुश्किल घड़ी में सीहोर ने पीड़ित व्यापारियों को अकेला नहीं छोड़ा। शहर की संवेदनाओं ने ऐसा रूप लिया कि सोशल मीडिया से शुरू हुई मदद की अपील देश-विदेश तक पहुंच गई और देखते ही देखते ₹1 लाख 40 हजार की सहयोग राशि जुट गई।

आग ने सब कुछ छीना, उम्मीद नहीं बुझा सकी

मंडी चौराहे के पास एनके एंटरप्राइजेस नाम से जूते-चप्पल का कारोबार करने वाले श्लोक शिवहरे और नितिन साहू की दुकान में 2 अक्टूबर की रात आग लग गई थी। आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखा माल देखते ही देखते जलकर राख हो गया। आगजनी के बाद दोनों व्यापारी आर्थिक संकट में आ गए। उनके सामने कारोबार को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती थी। नुकसान सिर्फ दुकान का नहीं था, बल्कि परिवार की आजीविका और भविष्य की योजनाओं पर भी सीधा असर पड़ा था।

जब शहर ने कहा-आप अकेले नहीं हैं

मुश्किल की इसी घड़ी में ‘संडे का सुकून’ टीम आगे आई। टीम ने तय किया कि पीड़ित व्यापारियों के लिए लोगों से सहयोग मांगा जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाया गया। अपील का उद्देश्य किसी से बड़ी रकम मांगना नहीं था, बल्कि शहर के लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने की अपील करना था। देखते ही देखते यह पहल एक छोटी कोशिश से बड़े सामाजिक अभियान में बदल गई।

एक फेसबुक पोस्ट और जाग उठा सीहोर

टीम के सदस्य अंकुर राठौर ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील जारी की। उन्होंने लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार, विशेष रूप से ₹500 के सहयोग का आग्रह किया। इस अपील का असर ऐसा हुआ कि कुछ ही मिनटों में मदद का पहला हाथ आगे बढ़ गया। इसके बाद सहयोग का सिलसिला लगातार चलता रहा। महज कुछ घंटों में हजारों रुपये जुट गए और लोगों को यह भरोसा होने लगा कि सामूहिक प्रयास से आग में उजड़ चुके कारोबार को दोबारा खड़ा करने की दिशा में एक शुरुआत की जा सकती है।

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सीहोर से सिंगापुर तक पहुंची मदद की आवाज

इस मुहिम की सबसे खास बात यह रही कि मदद सिर्फ सीहोर तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने सहयोग किया। यहां तक कि सिंगापुर में रहने वाले एक प्रवासी भारतीय ने भी सोशल मीडिया पर अपील देखकर मदद के लिए हाथ बढ़ाया। डॉक्टर, शिक्षक, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक हर वर्ग के लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया।

किसी ने अमीरी-गरीबी नहीं देखी, सिर्फ इंसानियत देखी

अंकुर राठौर ने कहा कि इस मुहिम में सहयोग करने वालों ने न कोई सामाजिक भेदभाव देखा, न धार्मिक और न ही क्षेत्रीय। किसी ने यह नहीं देखा कि सामने वाला अमीर है या गरीब। हर व्यक्ति ने अपने स्तर पर योगदान दिया। उन्होंने कहा कि पूरे सीहोर ने एक सूत्र में बंधकर पीड़ित व्यापारियों की मदद की है। यह भाईचारे की ऐसी मिसाल है, जो बताती है कि समाज, धर्म और क्षेत्र से बड़ी चीज इंसानियत होती है।

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100 से अधिक मददगार, जुटे ₹1.40 लाख

मुहिम के दौरान टीम के सदस्यों और शहरवासियों के प्रयास से करीब 100 से अधिक लोगों ने सहयोग किया। धीरे-धीरे छोटी-छोटी मदद बड़ी राशि में बदलती गई और कुल ₹1 लाख 40 हजार एकत्रित हुए। यह राशि सिर्फ पैसा नहीं थी, बल्कि उन व्यापारियों के लिए यह भरोसा थी कि संकट के समय शहर उनके साथ खड़ा है।

पीड़ित व्यापारियों को सौंपा ₹1.40 लाख का चेक

सहयोग राशि जुटने के बाद ₹1 लाख 40 हजार का चेक दोनों अग्नि पीड़ित व्यापारियों को सौंपा गया। चेक सौंपे जाने के दौरान माहौल भावुक रहा। आग में अपनी मेहनत की पूंजी गंवा चुके व्यापारियों के लिए यह सहायता भले ही पूरे नुकसान की भरपाई न कर सके, लेकिन इसने उन्हें दोबारा खड़े होने की हिम्मत जरूर दी।

सोशल मीडिया बना संवेदना की ताकत

आज सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग अपना समय मनोरंजन और रील्स देखने में बिताते हैं। लेकिन इसी सोशल मीडिया का इस्तेमाल यदि किसी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने के लिए किया जाए तो इसका असर कितना बड़ा हो सकता है, यह मुहिम उसकी मिसाल बन गई। एक पोस्ट से शुरू हुई अपील ने सैकड़ों लोगों को जोड़ा और देखते ही देखते मदद की राशि ₹1.40 लाख तक पहुंच गई।

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सच्ची मानव सेवा का संदेश

संडे का सुकून टीम ने कहा कि जरूरतमंद के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है। टीम के मुताबिक मदद करने वाला व्यक्ति कितना बड़ा योगदान देता है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वह विपत्ति में किसी के साथ खड़ा होने का साहस दिखाता है। इसी भावना के साथ शहरवासियों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया।

व्यापारियों से बीमा कराने की अपील

सहयोग राशि सौंपने के साथ टीम ने शहर के सभी दुकानदारों से महत्वपूर्ण अपील भी की। टीम ने कहा कि दुकान छोटी हो या बड़ी, हर व्यापारी को अपनी दुकान और उसमें रखे सामान का बीमा जरूर करवाना चाहिए। आग, चोरी या किसी अन्य अनहोनी की स्थिति में बीमा आर्थिक सुरक्षा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

जब कहीं से उम्मीद नहीं रहती, तब बीमा मदद करता है’

टीम ने व्यापारियों को समझाते हुए कहा कि बीमा ऐसा साधन है, जो अनचाही मुसीबत के समय आर्थिक सहारा दे सकता है। दुकान में लाखों रुपये का माल रखने वाले व्यापारियों के लिए बीमा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा है। एनके एंटरप्राइजेस में हुई आगजनी ने भी यह संदेश दिया है कि कारोबार में जोखिम को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

सीहोर की एकजुटता बनी सबसे बड़ी ताकत

इस पूरी मुहिम का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि मदद करने वालों ने किसी पहचान, धर्म, समाज या क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी। हर किसी ने सिर्फ यह देखा कि दो परिवार मुश्किल में हैं और उन्हें इस समय सहारे की जरूरत है। यही सोच सीहोर को एकजुट करती नजर आई।

राख से फिर उठने का भरोसा

आग ने दुकान की दीवारों और सामान को भले ही राख में बदल दिया, लेकिन सीहोर के लोगों ने पीड़ित व्यापारियों के हौसले को राख नहीं होने दिया। ₹1.40 लाख की यह सहायता राशि दोबारा शुरुआत की दिशा में एक कदम है। इससे भी बड़ी बात यह है कि संकट की घड़ी में मिले इस सहयोग ने दोनों व्यापारियों को यह भरोसा दिया कि उनके शहर में संवेदनाएं अभी जिंदा हैं।

संडे का सुकून ने दिया इंसानियत का संदेश

अंकुर राठौर और संडे का सुकून टीम ने सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस अच्छे कार्य में ईश्वर ने उन्हें निमित्त बनाया, लेकिन असली ताकत सीहोर के उन लोगों ने दिखाई जिन्होंने आर्थिक या अन्य किसी रूप में सहयोग किया। इस मुहिम ने यह साबित कर दिया कि जब इंसानियत के लिए लोग एकजुट होते हैं तो मुश्किल से मुश्किल समय में भी उम्मीद की एक नई रोशनी पैदा की जा सकती है।

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत...Read More

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