मुंबई में उद्योगपतियों से सीएम मोहन यादव की वन-टू-वन बैठक, 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, 14,375 रोजगार की उम्मीद

भोपाल। मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर मुंबई में हुई वन-टू-वन बैठकों में उद्योग समूहों ने करीब 90 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। इनसे प्रदेश में 14,375 रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरपीजी, वेलस्पन, आईनॉक्स, भिलोसा, इप्का और सन फार्मा सहित प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर नई परियोजनाओं और विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। प्रस्तावों में सर्वाधिक 71,289 करोड़ रुपए नवकरणीय ऊर्जा, 5,000 करोड़ टेक्सटाइल, 2,280 करोड़ फार्मास्यूटिकल्स, 1,000 करोड़ रियल एस्टेट, 400 करोड़ केमिकल और 200 करोड़ रुपए आईटी क्षेत्र के हैं। भिलोसा ने धार के पीएम मित्र पार्क में 7,500 करोड़, सन फार्मा ने पीथमपुर में 3,000 करोड़, इप्का ने देवास और उज्जैन में 1,080 करोड़ तथा आईनॉक्स ने सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन संयंत्र के लिए 1,260 करोड़ रुपए के निवेश की योजना रखी। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भूमि, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाओं में सहयोग का भरोसा दिया।
सीएम डॉ. यादव ने बताईं मप्र की खूबियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, विकसित हो रही अधोसंरचना और कुशल कार्यबल उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को भूमि, बिजली, पानी, सड़क, ऊर्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हों। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में नए निवेश और विस्तार के लिए आमंत्रित करते हुए आश्वस्त किया कि उन्हें इकाइयाँ लगाने में पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
आरपीजी समूह ने ट्रांसमिशन, टायर और आईटी क्षेत्र में दर्शाई रुचि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटी इन मध्यप्रदेश अन्तर्गत आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका से वन-टू -वन चर्चा की ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका की मुलाकात में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। गोयनका ने जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की। प्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति और निवेश-अनुकूल नीतियों के आधार पर नई इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
टायर निर्माण इकाई के लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित स्थलों के रूप में चर्चा में आए। समूह ने इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और आवश्यकताओं का आंकलन करने में रुचि दिखाई। उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग तथा संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर व्यावसायिक संभावनाओं का आंकलन करने पर भी संवाद हुआ।
वेलस्पन समूह टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क में निवेश की संभावनाएं तलाशेगा
वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से चर्चा में पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचनात्मक क्षेत्र की निवेश योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। समूह ने मिल की भूमि पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने में निवेश तथा प्रस्तावित पार्क में एंकर यूनिट स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। स्थल का निरीक्षण करने के लिए समूह अपनी टीम भेजेगा। बैठक में वेलस्पन कॉर्प के एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में 150 करोड़ रूपये के निवेश और सिंटेक्स के 700 करोड़ रूपये के प्रगतिरत निवेश पर भी चर्चा हुई। समूह की रायसेन और देवास में उपस्थिति तथा पाइप निर्माण एवं टेक्सटाइल गतिविधियों पर संवाद हुआ। वेलस्पन समूह प्रदेश में सड़क एवं राजमार्ग निर्माण सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं से भी जुड़ेगा। जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजनाओं में समूह की सहभागिता की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
अति उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर - ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र करेगा स्थापित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ जैन से मुलाकात कर वन-टू-वन चर्चा की
आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ जैन से औद्योगिक गैस एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार मध्यप्रदेश में 1,260 करोड़ रूपये के निवेश से देश का पहला अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र स्थापित करने की योजना है। अप्रैल 2029 से उत्पादन प्रारंभ करना प्रस्तावित है। परियोजना से लगभग 350 करोड़ रूपये के आयात प्रतिस्थापन और 320 से अधिक स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। संवाद में नवीनतम तकनीक से सेमीकंडक्टर उद्योग में उपयोग होने वाली विशेष गैसों के उत्पादन के लिए लगभग 1,200 करोड़ रूपये के संभावित निवेश पर भी चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 40 एकड़ भूमि की आवश्यकता जताई गई। प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और गेल के आपूर्ति नेटवर्क के माध्यम से गैस की आपूर्ति से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। निवेश प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, ब्याज अनुदान, प्रति यूनिट 2 रूपये की बिजली सब्सिडी, विद्युत शुल्क में छूट, अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज और समयबद्ध स्वीकृतियों जैसे विषय चर्चा में रहे। कंपनी वर्ष 2000 से इंदौर और भोपाल में कार्यरत है। जून 2023 में प्रदेश में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के साथ कंपनी नई ऑन-साइट गैस उत्पादन इकाइयों और नर्मदापुरम में सौर ऊर्जा से जुड़ी नाइट्रोजन पाइपलाइन की दिशा में भी कार्य कर रही है।
भिलोसा ने 7,500 करोड़ रुपये के चरणबद्ध निवेश की प्रस्तुत की योजना
प्रबंध निदेशक भिलोसा इंडस्ट्रीज संदीप जैन ने पीएम मित्र पार्क, धार को केंद्र में रखते हुए मध्यप्रदेश में चरणबद्ध रूप से कुल 7,500 करोड़ रूपये के निवेश और करीब 3,750 रोजगार के अवसरों की योजना प्रस्तुत की। कंपनी ने प्रारंभिक रूप से लगभग 2,500 करोड़ रूपये के पूंजीगत निवेश से कार्य शुरू करने तथा समग्र निवेश को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाने की जानकारी दी। पीएम मित्र पार्क में टेक्सटाइल निर्माण के लिए 200 एकड़ और सहायक इकाइयों के लिए अतिरिक्त 100 एकड़ भूमि के संबंध में चर्चा हुई। भूमि के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई गई। कंपनी ने वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। धार–इंदौर क्षेत्र में पॉलिस्टर यार्न, फायबर, निटेड फैब्रिक और मैन-मेड फायबर आधारित नॉन-गारमेंट फैब्रिक के एकीकृत विनिर्माण तथा सूक्ष्म एवं लघु सहायक इकाइयों के विकास की संभावनाओं पर भी संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समूह को अनुकूल नीतियों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
इप्का के देवास और उज्जैन में 1,080 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव
इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी अजीत कुमार जैन से देवास और विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन में प्रस्तावित परियोजनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी का देवास में लगभग 1,000 करोड़ रूपये और विक्रम उद्योगपुरी में लगभग 80 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं से लगभग 1,500 रोजगार सृजन की संभावना है, जिनमें देवास से लगभग 1,000 और विक्रम उद्योगपुरी से लगभग 500 रोजगार शामिल हैं। बैठक में रतलाम में विकसित हो रहे बायोटेक पार्क से कंपनी के जुड़ने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। क्षेत्र में बड़ा भूमि बैंक उपलब्ध है और पास से ही 8 लेन एक्सप्रेस-वे गुजरता है। प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग पर भी संवाद हुआ। इप्का की मध्यप्रदेश में रतलाम, पीथमपुर, इंदौर, भोपाल और देवास में 7 विनिर्माण सुविधाएं हैं, जिनसे लगभग 7,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार जुड़े हैं।
सन फार्मा की पीथमपुर परियोजना और सौर ऊर्जा प्रकल्प पर हुई विस्तृत चर्चा
सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी से पीथमपुर में लगभग 3,000 करोड़ रूपये की ग्रीनफील्ड परियोजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। परियोजना के अंतर्गत भारत, अमेरिका, यूरोप और अन्य बाजारों के लिए औषधि फॉर्मूलेशन की विनिर्माण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे 1,750 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें लगभग 1,250 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। पीथमपुर के सेक्टर-7 में भूमि संबंधी विषयों, स्थानीय बाधाओं के निराकरण, आवश्यक अनुमतियों और अधोसंरचना पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित प्रक्रियाओं को सुगम बनाने तथा दिसंबर 2026 तक जल, बिजली और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्लॉट हस्तांतरण एवं पुनःपंजीकरण शुल्क में छूट तथा प्रोत्साहन संबंधी आदेश में आवश्यक संशोधन पर भी चर्चा हुई।




















