सतना:गलत डेटा एंट्री पर स्वास्थ्य विभाग का एक्शन, अनमोल पोर्टल में लापरवाही पड़ी भारी; 63 स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस

सतना। समीक्षा में पाया गया कि गलत डेटा एंट्री और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के कारण कई पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिल सका। विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वेतनवृद्धि रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनमोल पोर्टल में मिली गंभीर अनियमितताएं
बताया जा रहा है कि अनमोल पोर्टल की समीक्षा के दौरान डेटा एंट्री में गंभीर गलतियां मिलने पर 24 एएनएम और एक सीएचओ सहित कुल 25 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी किए हैं। जांच में कई पात्र हितग्राहियों का डेटा गलत और अधूरा दर्ज पाया गया। विभाग ने इसे योजनाओं के प्रभावी संचालन में बड़ी चूक माना है।
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पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलने में हुई देरी
गलत डेटा एंट्री के कारण जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना का लाभ कई पात्र महिलाओं तक समय पर नहीं पहुंच सका। इससे आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्रभावित हुईं। सीएमएचओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर बीएमओ की टिप्पणी सहित अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर एक वेतनवृद्धि तुरंत प्रभाव से रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
16 एएनएम को नोटिस जारी
अनमोल पोर्टल पर एनीमिक गर्भवती महिलाओं का पंजीयन नहीं करने के मामले में 16 एएनएम को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के एएनसी (एंटीनेटल केयर) पंजीयन में लापरवाही मिलने पर इन्हीं 16 में से 13 एएनएम को अलग से एक और नोटिस भेजा गया है। सभी को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
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नवजातों की देखरेख में भी मिली चूक
स्वास्थ्य विभाग की जांच में नवजात शिशुओं के गृह आधारित भेंट कार्यक्रम (एचबीएनसी) के संचालन में भी लापरवाही सामने आई है। नियमित मॉनिटरिंग और घर-घर जाकर नवजातों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करने पर शहरी क्षेत्र की 22 एएनएम से जवाब तलब किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंच सके।












