स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने उस खास बातचीत का खुलासा किया है, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान सुपर-8 मुकाबले से पहले उनकी और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच हुई थी। सैमसन के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थित जिम में गंभीर उनसे मिले और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगले मैच के लिए तैयार रहो, क्योंकि टीम में तुम्हारी वापसी होने वाली है। सैमसन ने बताया कि उस वक्त उन्हें अंदाजा हो गया था कि अब उन्हें खुद को साबित करने का मौका मिलने वाला है। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-हां भाई, आने दो। यही पल उनके लिए टूर्नामेंट का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
पिछले कुछ वर्षों से संजू सैमसन के प्रशंसक लगातार यह मांग करते रहे थे कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता उन पर भरोसा दिखाएं और उन्हें लगातार खेलने का मौका दें। हालांकि परिस्थितियां अक्सर उनके पक्ष में नहीं रहीं और उन्हें टीम में स्थायी जगह नहीं मिल पाई। लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सैमसन ने खुद ही अपनी प्रतिभा के साथ न्याय किया। 7 फरवरी से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में शुरुआत में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि 31 वर्षीय यह बल्लेबाज भारत को तीसरा टी20 वर्ल्ड कप जिताने में इतनी बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा ही नहीं थे।
टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई सीरीज में संजू सैमसन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उसी समय ईशान किशन शानदार फॉर्म में थे और लगातार रन बना रहे थे। इसी कारण टीम मैनेजमेंट ने इशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ मुख्य ओपनर के तौर पर मौका दिया। इस फैसले के चलते सैमसन शुरुआती मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे और ऐसा लगने लगा था कि शायद उन्हें इस वर्ल्ड कप में ज्यादा मौके नहीं मिलेंगे।
भारत के दूसरे ग्रुप मैच में नामीबिया के खिलाफ सैमसन को मौका मिला था, लेकिन वह केवल अस्थायी बदलाव था क्योंकि अभिषेक शर्मा उस समय पेट के संक्रमण से जूझ रहे थे। सैमसन ने उस मैच में तेज 22 रन बनाए, लेकिन जैसे ही अभिषेक फिट हुए, उन्हें फिर से टीम से बाहर बैठना पड़ा। हालांकि असली मोड़ तब आया जब सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को करारी शिकस्त दी। उस मैच में पावरप्ले के दौरान ऑफ-स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों ही संघर्ष करते नजर आए। विपक्षी टीमों की यह रणनीति देखकर कोच गौतम गंभीर चिंतित हो गए और उन्होंने सैमसन को फिर से टीम में शामिल करने का फैसला किया, जबकि किशन को तीसरे नंबर पर भेजा गया।
टीम में वापसी के बाद संजू सैमसन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने सुपर-8 में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन बनाए और फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन की अहम पारी खेली।
टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद सैमसन ने कहा कि वह अपने साथियों के साथ जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करना पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा कि जब पूरी टीम एक लक्ष्य के लिए साथ लड़ती है, तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। सैमसन ने बताया कि आईपीएल में पांच साल तक एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी करने का अनुभव भी उनके काफी काम आया। इससे उन्हें मैच के अलग-अलग हालात को समझने और सही फैसले लेने में मदद मिली। अंत में जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने आखिरकार अपनी प्रतिभा के साथ न्याय कर लिया है, तो सैमसन ने मुस्कुराते हुए साफ शब्दों में कहा, हां बिल्कुल।