नई दिल्ली। अमेरिका- इजरायल और ईरान युद्ध ने पूरी दुनिया को सदमा दे दिया है। जहां शनिवार रात पहले अमेरिका- इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान में 80 से ज्यादा स्कूली छात्राओं की जान ली है। इसके अलावा बड़ी तादाद में लोग मारे भी गए हैं। वहीं आज ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की भी इजरायल द्वारा घातक हमले में मौत हो गई हैं। जिससे पूरी दुनिया में गुस्सा सड़कों पर आ गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने ईरान के सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजलि देते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि खामेनेई का निधन एक युग का अंत है और भारत ने अपना सच्चा मित्र खो दिया है। संजय ने ईरान को भारत का पारंपरिक सहयोगी बताते हुए कहा कि उसने पाकिस्तान के खिलाफ कई मुद्दों पर भारत का साथ दिया, कश्मीर के मामले में समर्थन किया और देश को सस्ता तेल उपलब्ध कराया।
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वहीं इसके अलावा संजय सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में जब ईरान संकट के दौर से गुजर रहा है, तब भारत को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने से बच रही है। उनके अनुसार, भारत को अपने पुराने मित्र देशों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
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आप नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका और इजरायल से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने वैश्विक राजनीति में अमेरिका को “तानाशाही प्रवृत्ति” वाला देश बताते हुए वेनेजुएला और ईरान का उदाहरण दिया। संजय सिंह ने मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें “विश्वगुरु” नहीं बल्कि “गुरुघंटाल” कहा जाना चाहिए।
संजय सिंह ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलन और स्वतंत्र रुख के लिए जानी जाती रही है, लेकिन मौजूदा समय में यह कहीं से भी साफ नजर नहीं आ रही। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह संसद और देश के सामने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करे, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति मजबूत और पारदर्शी दिखे। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।