संभल के चर्चित CO अनुज चौधरी का तबादला : हिंसा के 5 महीने बाद भेजे गए चंदौसी, जानें अब किसे सौंपी गई कमान

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में लव जिहाद, होली-जुमा विवाद और जामा मस्जिद के सर्वे जैसे मुद्दों के बीच प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। चर्चा में रहे पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी का तबादला कर दिया गया है। विवादित बयानों और तनावपूर्ण घटनाओं के बाद उन्हें चंदौसी का नया सर्किल ऑफिसर बनाया गया है। अब संभल की कमान आईपीएस आलोक भाटी को सौंपी गई है।
कौन हैं अनुज चौधरी और क्यों रहे चर्चा में?
अनुज चौधरी एक कुशल पहलवान और पुलिस अफसर हैं। वे अर्जुन अवॉर्डी और नेशनल चैंपियन रह चुके हैं। 2012 में यूपी पुलिस से जुड़े थे और अपने बेबाक अंदाज व दमदार शख्सियत के लिए पहचाने जाते हैं। 6 मार्च को पीस कमेटी की बैठक में उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा था, "जुमा साल में 52 बार आता है, होली एक बार। रंग से किसी को परहेज है तो वो घर में रहें। अगर निकलते हैं तो दिल बड़ा रखें।" उनके इस बयान को कई संगठनों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका समर्थन करते हुए कहा था कि "पुलिस अफसर पहलवान है, लहजा अलग होगा, लेकिन सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए।"तबादलों की पूरी लिस्ट: कौन कहां गया
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शनिवार को कई अधिकारियों के तबादले किए। इनमें सीओ स्तर से लेकर थाना प्रभारियों तक फेरबदल किया गया है।- संभल सीओ अनुज चौधरी का तबादला चंदौसी कर दिया गया है।
- प्रशिक्षु आईपीएस आलोक भाटी को संभल सर्किल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- आलोक सिद्धू को बहजोई सर्किल में नियुक्त किया गया है।
- डॉ. प्रदीप कुमार, जो बहजोई सीओ थे, अब यातायात सीओ होंगे।
- संतोष कुमार सिंह, जो अभी तक यातायात सीओ थे, को डायल 112 का चार्ज दिया गया है।
इंस्पेक्टर और थाना अध्यक्षों में भी बड़ा फेरबदल
इन तबादलों से पहले 12 थानों के इंस्पेक्टर और थाना अध्यक्षों का भी स्थानांतरण किया गया था। इसके अलावा, यातायात प्रभारी प्रमोद कुमार मान को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह दुष्यंत कुमार बालियान को नया प्रभारी बनाया गया है।संभल में लव जिहाद और मस्जिद विवाद से उपजा तनाव
संभल में बीते महीनों में धार्मिक मुद्दों को लेकर कई तनावपूर्ण घटनाएं हुईं।- जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा किया कि वह हरिहर मंदिर था, जिसे 1529 में बाबर ने मस्जिद में बदला।
- 24 नवंबर 2024 को सर्वे के दौरान हुए हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी।
- अब तक 79 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं।
- सर्वे रिपोर्ट में मंदिर के प्रतीकों, वटवृक्ष, झरोखे, कलाकृतियां और ढांचों के सबूत मिलने का दावा किया गया है।











