MP SI भर्ती 2025:एक्स सर्विसमैन और कांस्टेबलों को नहीं मिलेगा अलग कट-ऑफ, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिकाएं

मध्य प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक परीक्षा में हॉरिजॉन्टल आरक्षण श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अलग से कट-ऑफ अंक तय नहीं किए जाएंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा भर्ती नियमों में किए गए संशोधन को संवैधानिक और वैध माना है।
4 याचिकाएं हुईं खारिज
जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस मामले में दाखिल चार याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में पुलिस कांस्टेबलों और एक्स सर्विसमैन उम्मीदवारों के लिए अलग कट-ऑफ तय करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं में बैतूल जिले के मुलताई निवासी एक्स सर्विसमैन धरमू खपरिये सहित अन्य उम्मीदवार शामिल थे। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में एसआई के 15 प्रतिशत पद पुलिस कांस्टेबलों और 10 प्रतिशत पद एक्स सर्विसमैन के लिए आरक्षित हैं इसलिए उनके लिए अलग कट-ऑफ भी तय किया जाना चाहिए।
सरकार ने जनवरी में बदले थे नियम
राज्य सरकार ने 24 जनवरी 2025 को गजट अधिसूचना जारी कर भर्ती नियमों में संशोधन किया था। नए नियमों के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा में केवल वर्टिकल आरक्षण श्रेणियों जैसे अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए ही कट-ऑफ अंक जारी किए जाएंगे। वहीं हॉरिजॉन्टल आरक्षण श्रेणियों जैसे एक्स सर्विसमैन और सेवारत पुलिस कांस्टेबलों के लिए प्रारंभिक स्तर पर अलग कट-ऑफ का प्रावधान नहीं रखा गया।
ये भी पढ़ें: जबलपुर में गला घोंटकर बदमाश की हत्या : भाई खाना देने पहुंचा तो कमरे में मिला शव, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
याचिकाकर्ताओं ने बताया असंवैधानिक
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में दलील दी कि यह नियम असंवैधानिक है और इससे आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नुकसान होगा। उन्होंने कोर्ट से अलग कट-ऑफ अंक तय करने के निर्देश देने की मांग की थी।
हाईकोर्ट बोला- कट-ऑफ में छूट अधिकार नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने कहा कि अलग कट-ऑफ अंक देना एक प्रकार की छूट है और कोई भी उम्मीदवार इसे अपने अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकता। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कानून के तहत किसी विशेष श्रेणी को अतिरिक्त राहत देना अनिवार्य नहीं है और अदालत इस संबंध में सरकार को निर्देश नहीं दे सकती।
ये भी पढ़ें: देवास फैक्ट्री धमाके में मौतों का आंकड़ा 8 पहुंचा, इंदौर में 2 और मजदूरों की मौत
भर्ती प्रक्रिया पर असर नहीं
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब एमपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा 2025 की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित नियमों के तहत ही आगे बढ़ेगी। इससे राज्य सरकार के भर्ती नियमों को कानूनी मजबूती मिली है।












