देवास फैक्ट्री धमाके में मौतों का आंकड़ा 8 पहुंचा,इंदौर में 2 और मजदूरों की मौत

देवास जिले के टोंककला इलाके में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमें में डाल दिया है। हादसे में झुलसे दो और मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती अजय और निरंजन ने शुक्रवार रात दम तोड़ दिया। दोनों बिहार के रहने वाले थे और फैक्ट्री के बाद से अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती थे। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। इन दोनों मौतों के बाद अब इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 8 पहुंच गई है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, दोनों मजदूर 90 फीसदी से ज्यादा झुलस गए थे और डॉक्टर लगातार उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
एमवाय अस्पताल में कई दिन से चल रहा था इलाज
पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके के बाद कई घायलों को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया था। इनमें अजय और निरंजन भी शामिल थे। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की बॉडी का बड़ा हिस्सा जल चुका था और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा था। इससे पहले सोमवार रात एक और घायल मजदूर राम ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। राम की उम्र 20 साल बताई गई है। वह बिहार निवासी मुकेश कुमार का बेटा था। लगातार हो रही मौतों ने अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों के परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। एमवाय अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बर्न यूनिट में भर्ती मरीजों की निगरानी लगातार की जा रही है। संक्रमण रोकने के लिए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। डॉक्टरों की टीम भी लगातार मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सिर में चोट लगने से गंभीर हुआ विशाल
हादसे में घायल विशाल नाम का मजदूर अभी भी अस्पताल में भर्ती है। विस्फोट के दौरान वह दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके दिमाग में खून का थक्का जम गया था, जिसके बाद उसे न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया। हालांकि अब उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उसे जल्द डिस्चार्ज किया जा सकता है। वहीं चोइथराम अस्पताल में भर्ती चार मरीजों में से तीन को छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक मरीज का इलाज अभी जारी है।
धमाका इतना तेज था कि दूर तक बिखरे शवों के टुकड़े
देवास जिले के टोंककलां में 14 मई की सुबह करीब 11:30 बजे यह भीषण हादसा हुआ था। पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरी इमारत हिल गई। धमाका इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह टूट गईं और आसपास के मकानों तक कंपन महसूस किया गया। हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। फैक्ट्री के अंदर मौजूद मजदूर चीखते हुए बाहर भागे। कई मजदूर इतने बुरी तरह झुलस गए थे कि उनके कपड़े शरीर से चिपक गए थे। घटनास्थल पर जले हुए अवशेष, बाल और कपड़ों के टुकड़े बिखरे पड़े मिले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे का मंजर बेहद भयावह था और कई लोग अपनों को पहचान तक नहीं पा रहे थे।
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पहले भी हो चुकी थीं कई मौतें
हादसे के बाद शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की खबर सामने आई थी। इसके बाद अमलतास अस्पताल में भर्ती दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। फिर राम की मौत हुई और अब अजय और निरंजन की जान जाने के बाद मृतकों की संख्या 8 हो गई है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले थे। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिनमें कई अब भी इलाज करा रहे हैं।











