सज्जन सिंह वर्मा का कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा हमला, बोले- 'हाथ कटे ठाकुर' बनकर रह गए हैं मंत्री

इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा सरकार और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के समय भी उन्होंने कहा था कि कैलाश विजयवर्गीय भाजपा सरकार में "हाथ कटे ठाकुर" बनकर रह गए हैं। वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके पास न निर्णय लेने का अधिकार है, न सम्मान और न ही उनकी बात सुनी जाती है। ऐसे में मंत्री पद पर बने रहने का औचित्य क्या है।
वर्मा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अनुशासन की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन यदि पार्टी के एक वरिष्ठ मंत्री ही मुख्यमंत्री को कथित तौर पर असहयोग, उपेक्षा और विरोध की पीड़ा बताते हुए पत्र लिख रहे हैं, तो अब देखना होगा कि पार्टी इस पर क्या रुख अपनाती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अनुशासन केवल विपक्ष के लिए ही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय अकेले ऐसे मंत्री नहीं हैं। उनके अनुसार प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विश्वास सारंग और भूपेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों की स्थिति भी ऐसी ही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में मंत्री केवल नाम के रह गए हैं, जबकि फैसले कहीं और से लिए जा रहे हैं।
कैलाश को इस्तीफे की सलाह, पितृ पर्वत का भी किया जिक्र
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय की सक्रिय राजनीति का अंतिम दौर चल रहा है। उन्होंने सलाह दी कि उन्हें स्वाभिमान के साथ मंत्री पद से इस्तीफा देकर सम्मानपूर्वक सार्वजनिक जीवन से विदा ले लेनी चाहिए और पितृ पर्वत पर प्रभु आराधना में समय देना चाहिए। वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि भाजपा उन्हें "मार्गदर्शक मंडल" में भेजकर और अधिक अपमानित कर दे।












