नीला ड्रम केस: फांसी की सजा के बाद मुस्कान-साहिल की बदलेगी जिंदगी, अब नाम नहीं कैदी नंबर से होगी पहचान

उत्तर प्रदेश। नीला ड्रम हत्याकांड में मौत की सजा मिलने के बाद मुस्कान और साहिल की जेल में जिंदगी पहले जैसी नहीं रहेगी। मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में बंद दोनों अब सजायाफ्ता कैदियों के रूप में रहेंगे। जेल प्रशासन उनके पहनावे, दिनचर्या, काम और निगरानी की व्यवस्था जेल नियमों के अनुसार करेगा। जेल रिकॉर्ड में साहिल का कैदी नंबर 395 और मुस्कान का 396 बताया गया है। दोनों अलग-अलग बैरकों में रखे जाएंगे। वहीं, मुस्कान के साथ रह रही उसकी करीब आठ महीने की बेटी की देखभाल भी जेल प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी बनी हुई है।
सफेद कपड़े पहनने होंगे, नियमों से चलेगी दिनचर्या
सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान और साहिल के पहनावे में भी बदलाव हो सकता है। जेल के नियमों के मुताबिक, सजायाफ्ता कैदियों के कपड़े विचाराधीन बंदियों से अलग हो सकते हैं। मुस्कान को सफेद या हल्के क्रीम रंग की साड़ी अथवा सलवार-सूट और साहिल को सफेद कुर्ता-पैंट पहनना पड़ सकता है। उनकी गिनती और निगरानी भी जेल के रिकॉर्ड के अनुसार होगी। हालांकि, इन बदलावों को जेल प्रशासन की लागू व्यवस्था और नियमों के तहत ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
अलग-अलग बैरकों में रहेंगे मुस्कान और साहिल
मुस्कान और साहिल 19 मार्च 2025 से मेरठ की जिला जेल में बंद हैं। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल होते थे। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, मुस्कान महिला बंदियों के बीच और साहिल पुरुष बंदियों की बैरक में रहता है। दोनों के बीच वैवाहिक संबंध या खून का रिश्ता नहीं होने के कारण जेल के नियमों के अनुसार उनकी मुलाकात पर रोक रहेगी। जरूरत और उपलब्ध जगह के आधार पर बैरक में बदलाव भी किया जा सकता है।
साहिल को मिल सकती है काम की जिम्मेदारी
जेल में सजायाफ्ता कैदियों को नियमों और उनकी परिस्थितियों के आधार पर काम सौंपा जा सकता है। फिलहाल साहिल खेतीबाड़ी का काम कर रहा है। आगे उसे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका फैसला जेल प्रशासन करेगा। वहीं, मुस्कान के साथ उसकी करीब आठ महीने की बेटी राधा भी जेल में रह रही है। ऐसे में बच्ची की देखभाल को ध्यान में रखकर मुस्कान के कामकाज से जुड़ी व्यवस्था तय की जाएगी।
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सजा सुनते ही रोने लगे थे दोनों
अदालत से मौत की सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान और साहिल के रोने की खबर भी सामने आई थी। जेल अधीक्षक के मुताबिक, दोनों ने खाना लिया, लेकिन खाया नहीं। हालांकि, मुस्कान ने अपनी बेटी के खान-पान का ध्यान रखा। अब जेल प्रशासन दोनों की दिनचर्या, भोजन, काम और निगरानी की व्यवस्था लागू नियमों के अनुसार तय करेगा। अदालत के फैसले के बाद उनकी जेल की जिंदगी में कई बदलाव आने की संभावना है।



















