Manisha Dhanwani
20 Jan 2026
भारत और रूस के रिश्ते अब तक अच्छे माने जाते रहे हैं, लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की एक अहम अपील को मानने से इंकार कर दिया। भारत ने रूस से अनुरोध किया था कि वह पाकिस्तान को JF-17 फाइटर जेट के लिए जरूरी इंजन न बेचे, लेकिन रूस ने यह आग्रह ठुकरा दिया है।
JF-17 फाइटर जेट चीन बनाता है, लेकिन इसके इंजन के लिए पाकिस्तान रूस पर निर्भर है। भारत ने लंबे समय तक रूस से इस सप्लाई को रोकने की अपील की थी, लेकिन अब रूस ने पाकिस्तान को इंजन देने का फैसला कर लिया है। पाकिस्तान की वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए चीन पर निर्भर रहती है और अब इस मामले में रूस भी उसके साथ खड़ा दिख रहा है।
रूस एक तरफ भारत से मजबूत रिश्ते बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान से भी हाथ मिला रहा है। पुतिन के इस फैसले से यह संदेश गया है कि रूस डबल गेम खेल रहा है। JF-17 को 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट माना जाता है। पाकिस्तान अब इसका ब्लॉक III मॉडल तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
भारत और चीन के रिश्ते हमेशा उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान और चीन के बीच संबंध बेहद गहरे हैं। पाकिस्तान की सेना के ज्यादातर हथियार और एयरक्राफ्ट चीन की मदद से बनाए जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चीन ने पाकिस्तान को काफी समर्थन दिया था।