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राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने विधायकों को हरियाणा और ओडिशा के रिसॉर्ट में ठहराया, निर्दलीय उम्मीदवार से बदला चुनावी समीकरण

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए ओडिशा और हरियाणा के विधायकों को अलग-अलग राज्यों के रिसॉर्ट में ठहराया है। निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं और क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए पार्टी ने यह रणनीति अपनाई है।
कांग्रेस ने विधायकों को  हरियाणा और ओडिशा के रिसॉर्ट में ठहराया, निर्दलीय उम्मीदवार से बदला चुनावी समीकरण
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ की आशंका के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर विधायकों को रिसॉर्ट  में ठहराया है। पार्टी ने अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए हरियाणा और ओडिशा के विधायकों को अलग-अलग राज्यों के रिसॉर्ट में शिफ्ट किया है। इसका उद्देश्य क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोकना बताया जा रहा है।

    ओडिशा के विधायक बेंगलुरु के रिसॉर्ट में ठहराए गए

    कांग्रेस ने ओडिशा के 14 विधायकों को भुवनेश्वर से बेंगलुरु भेज दिया है। उन्हें कर्नाटक के रामनगर जिले के बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट में रखा गया है। यहां उनको कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार देख हैं। बताया जा रहा है कि, विधायकों को एक साथ रखने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि-राज्यसभा में चुनाव के दौरान पार्टी के पक्ष में ही मतदान हो और किसी तरह की राजनीतिक दबाव या क्रॉस वोटिंग की संभावना न बने।

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    हरियाणा के विधायक हिमाचल के कुफरी में शिफ्ट

    इसी तरह कांग्रेस ने हरियाणा के 37 में से 31 विधायकों को चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास कुफरी स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराया है। यहां उनकी मेजबानी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कर रहे हैं। रिसॉर्ट के बाहर सुरक्षा के लिए हिमाचल पुलिस तैनात की गई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने यहां 33 रुम बुक कराए हैं।

    निर्दलीय उम्मीदवार से बदला चुनावी समीकरण

    बता दें कि हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के पास 48 विधायक हैं। इसके अलावा इनेलो के दो और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भाजपा को मिला हुआ है, जिससे भाजपा के पास कुल 53 वोट हो जाते हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 वोट जरूरी हैं। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जिससे वह अपने उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जीत दिलाने की स्थिति में है। हालांकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीष नांदल के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण में नया मोड़ आ गया है। उन्हें जीत के लिए नौ वोटों की जरूरत होगी, जो बिना क्रॉस वोटिंग के पॉसिबल नहीं मानी जा रही।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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