मोहन सरकार का बड़ा फैसला:ग्रामीण जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा 4 गुना तक मुआवजा, नियम आज से लागू

मध्यप्रदेश सरकार ने ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों के हित में बड़ा और अहम फैसला लिया है। मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है।
ग्रामीण जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा 4 गुना तक मुआवजा, नियम आज से लागू

मध्यप्रदेश सरकार ने ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों के हित में बड़ा और अहम फैसला लिया है। मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। अब किसानों को उनकी जमीन के बाजार मूल्य का अधिकतम 4 गुना तक मुआवजा मिल सकेगा।

ग्रामीण किसानों को सबसे बड़ा फायदा

मुख्यमंत्री ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह फैसला खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार ने ग्रामीण इलाकों के लिए लागू मल्टीप्लिकेशन फैक्टर (गुणन कारक) को 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया है। इससे अब किसानों को पहले के मुकाबले दोगुना मुआवजा मिलेगा, जो कुल मिलाकर बाजार मूल्य का 4 गुना तक पहुंच सकता है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह फैक्टर पहले की तरह 1.0 ही रहेगा।

22 अप्रैल 2026 से लागू नया नियम

राज्य सरकार का यह निर्णय 22 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो गया है। इसका लाभ उन मामलों को भी मिलेगा, जिनमें अभी तक अंतिम अवार्ड पारित नहीं हुआ है। यानी लंबित प्रोजेक्ट्स में भी किसानों को नई दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

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सभी विकास परियोजनाओं पर लागू

यह नया प्रावधान सिंचाई, सड़क, रेलवे, पुल और बांध जैसी सभी सरकारी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि इससे भूमि अधिग्रहण में आने वाली बाधाएं कम होंगी और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया गया फैसला

इस बड़े बदलाव की तैयारी पिछले साल से ही शुरू हो गई थी।

  • 7 नवंबर 2025 को उच्च स्तरीय बैठक हुई
  • 13 जनवरी 2026 को मंत्रिमंडलीय समिति बनाई गई
  • 400 से अधिक किसान संगठनों, उद्योग संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से चर्चा हुई

इन सभी सुझावों के आधार पर यह फैसला लिया गया।

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सरकार का मकसद जमीन का उचित मूल्य दिलाना

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी जमीन का उचित और सम्मानजनक मूल्य दिलाना है ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। इसके साथ ही मध्यप्रदेश को कृषि और किसान समृद्धि के मामले में एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी यह कदम अहम माना जा रहा है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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