23वां FIFA वर्ल्ड कप आज से :48 टीमों के बीच 104 मैच; पहली बार तीन देश कर रहे मेजबानी

स्पोर्ट्स डेस्क। फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA मेंस वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है, जो 20 जुलाई तक चलेगा। इस बार टूर्नामेंट कई मायनों में खास है। 96 साल के इतिहास में पहली बार तीन देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से इसकी मेजबानी कर रहे हैं। वहीं पहली बार 48 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल 20 जुलाई को खेला जाएगा।
मेक्सिको-साउथ अफ्रीका के मैच से शुरुआत
वर्ल्ड कप का उद्घाटन मुकाबला मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा, जहां मेजबान मेक्सिको का सामना साउथ अफ्रीका से होगा। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी होंगी। टूर्नामेंट के दौरान कुल 16 शहरों में मैच आयोजित किए जाएंगे।
पहली बार तीन देशों में होगा वर्ल्ड कप
FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में इससे पहले 2002 में जापान और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त रूप से मेजबानी की थी। हालांकि पहली बार तीन देशों को मेजबानी का मौका मिला है। मेक्सिको भी इतिहास रचने जा रहा है, क्योंकि वह 1970 और 1986 के बाद तीसरी बार पुरुष फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा।
48 टीमों और 104 मैचों के साथ सबसे बड़ा वर्ल्ड कप
1998 से अब तक वर्ल्ड कप में 32 टीमें हिस्सा लेती थीं, लेकिन इस बार संख्या बढ़ाकर 48 कर दी गई है। इन टीमों को 12 ग्रुप में बांटा गया है, जहां प्रत्येक ग्रुप में 4-4 टीमें होंगी। ग्रुप स्टेज के बाद हर ग्रुप की शीर्ष दो टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ 8 टीमें नॉकआउट में पहुंचेंगी।
इस नए प्रारूप के कारण नॉकआउट चरण में 16 की जगह 32 टीमें खेलेंगी। टूर्नामेंट में कुल 104 मुकाबले होंगे, जो इसे FIFA इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप बनाते हैं।
मेसी-रोनाल्डो समेत 1,248 खिलाड़ी मैदान में
दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर एक बार फिर वर्ल्ड कप में नजर आएंगे। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो समेत कुल 1,248 खिलाड़ी टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ग्रुप J में रखा गया है, जबकि स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, पुर्तगाल और इंग्लैंड भी अपने-अपने ग्रुप में खिताब की दावेदारी पेश करेंगे।
इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना)
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना की अगुआई कर रहे मेसी का यह आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। फैंस को उनसे एक बार फिर जादुई प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल)
41 साल की उम्र में रोनाल्डो रिकॉर्ड छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उनकी कप्तानी में पुर्तगाल खिताब जीतने का सपना पूरा करना चाहेगा।
किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस)
फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड एम्बाप्पे पिछले दो वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। इस बार भी वे गोल्डन बूट के बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।
लामिन यामाल (स्पेन)
यूरोप के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल यामाल पहली बार वर्ल्ड कप में उतरेंगे। उनकी रफ्तार और ड्रिब्लिंग पर सबकी नजर रहेगी।
जूड बेलिंगहैम (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के मिडफील्ड स्टार बेलिंगहैम टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। बड़े मैचों में उनका प्रदर्शन टीम की किस्मत तय कर सकता है।
विनीसियस जूनियर (ब्राजील)
ब्राजील के आक्रमण की जिम्मेदारी विनीसियस के कंधों पर होगी। उनकी गति और स्किल किसी भी डिफेंस को तोड़ने में सक्षम है।
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कौनसे ग्रुप हैं 'ग्रुप ऑफ डेथ'?
फ्रांस, स्पेन, अर्जेंटीना, पुर्तगाल और इंग्लैंड वाले ग्रुप्स को सबसे कठिन माना जा रहा है। खासतौर पर स्पेन और फ्रांस के ग्रुप में कई मजबूत टीमें मौजूद हैं, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
क्रेग जॉर्डन सबसे उम्रदराज, मोरा सबसे युवा चेहरा
टूर्नामेंट के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन हैं, जिनकी उम्र 43 साल से ज्यादा है। वहीं मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा सबसे युवा खिलाड़ी हैं, जिनकी उम्र सिर्फ 17 साल है। इस वर्ल्ड कप में 20 वर्ष से कम उम्र के 22 खिलाड़ी और 40 वर्ष से अधिक उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जो अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण पेश करेंगे।











