
इंदौर के बहुचर्चित भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में जांच प्रक्रिया एक बार फिर आगे खिसक गई है। मामले की सुनवाई के दौरान जांच आयोग ने रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा जिसे स्वीकार करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आयोग को 14 जून तक की मोहलत दे दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 जून को होगी।
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की वजह से हुई 35 लोगों की मौतों ने पूरे इंदौर को झकझोर दिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद सच्चाई सामने लाने के लिए जांच आयोग का गठन किया गया था लेकिन अब तक अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी है। बार-बार समय बढ़ने से पीड़ित परिवारों और आम लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
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सूत्रों के मुताबिक आयोग इस पूरे मामले में पानी की गुणवत्ता, सप्लाई सिस्टम, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और संभावित लापरवाही जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच कर रहा है। यही वजह है कि रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट खुद इस जांच की निगरानी कर रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा में रिपोर्ट पेश की जाए ताकि दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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अब सभी की नजर 16 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दिन जांच आयोग अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है जिससे मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। लगातार मिल रही मोहलत के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इस संवेदनशील मामले में अंतिम रिपोर्ट कब तक सामने आएगी और पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा।