इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह ने ऐसा असर दिखाया कि शहर में दो दिनों के भीतर खपत सामान्य से तीन गुना तक पहुंच गई। हालात यह रहे कि जहां एक तरफ पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं दूसरी ओर बाजारों में भीड़ अचानक गायब हो गई और सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा।
आंकड़ों पर नजर डालें तो सामान्य दिनों में जहां पेट्रोल की खपत करीब 10 लाख लीटर रहती है, वहीं 24 मार्च को यह बढ़कर 24 लाख लीटर पहुंच गई। 25 मार्च को तो स्थिति और बिगड़ी और खपत 29 लाख लीटर तक जा पहुंची। इसके बाद 26 मार्च को यह घटकर 19 लाख लीटर जरूर हुई, लेकिन फिर भी सामान्य से काफी अधिक रही।
डीजल की खपत में भी इसी तरह का उछाल देखने को मिला। सामान्य दिनों में 15 लाख लीटर की खपत के मुकाबले 24 मार्च को 32 लाख लीटर डीजल खपत हुआ। 25 मार्च को यह आंकड़ा 33 लाख लीटर तक पहुंच गया, जबकि 26 मार्च को 26 लाख लीटर डीजल की खपत दर्ज की गई।
इंदौर में अफवाह का असर: पेट्रोल-डीजल खपत का विस्फोटक आंकड़ा
|
दिनांक / स्थिति |
पेट्रोल खपत (लीटर में) |
डीजल खपत (लीटर में) |
|
सामान्य दिन |
10 लाख |
15 लाख |
|
24 मार्च |
24 लाख |
32 लाख |
|
25 मार्च |
29 लाख |
33 लाख |
|
26 मार्च |
19 लाख |
26 लाख |
क्या कहता है डेटा?