RSS की संरचना में होगा बदलाव: जिलों की संख्या बढ़ाने के साथ कई प्रस्तावों पर इंदौर बैठक में लगेगी मुहर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी कर रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक होगी। इसमें संगठन के पुनर्गठन, विस्तार और शताब्दी वर्ष की गतिविधियों पर चर्चा होगी। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य संगठन के कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाना है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव से जुड़ी योजनाओं में जिलों और संभागों की संख्या बढ़ाना शामिल है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संघ कार्य की दृष्टि से जिलों की संख्या लगभग 924 से बढ़ाकर 1500 से 1600 करने की योजना है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
RSS संगठन में बदलाव की योजना
प्रस्तावित योजना के अनुसार, मौजूदा प्रांतीय व्यवस्था की जगह संभाग आधारित संरचना लागू की जा सकती है। इसके साथ विभाग, जिला, मंडल, नगर और बस्तियों की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य संघ की गतिविधियों को देश के ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, संघ के लगभग पांच लाख दायित्वधारी स्वयंसेवक हैं। प्रस्तावों में इनकी संख्या दोगुनी से अधिक करने की योजना भी शामिल है। संगठन का लक्ष्य मंडलों और बस्तियों तक अपनी गतिविधियां पहुंचाना बताया गया है।
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46 प्रांतों की जगह 90 संभाग का प्रस्ताव
RSS Organization Changes के तहत क्षेत्रीय संरचना में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संघ के 11 क्षेत्रों की संख्या घटाकर 9 करने और 46 प्रांतों की जगह करीब 90 संभाग बनाने की योजना है। इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है।
प्रस्तावित व्यवस्था में राज्य स्तर पर भी संगठनात्मक इकाइयां बनाने की बात कही गई है। इनमें राज्य प्रचारक और राज्य कार्यवाह जैसे दायित्व शामिल होंगे। राज्य संघचालक का पद प्रस्तावित व्यवस्था में नहीं होने की जानकारी दी गई है।
इंदौर RSS बैठक में क्या होगा?
इंदौर RSS बैठक 2 से 4 नवंबर तक डेली कॉलेज परिसर में आयोजित होने वाली है। इससे पहले 29 अक्टूबर को छोटी टोली की बैठक प्रस्तावित है। 30 अक्टूबर को अखिल भारतीय अधिकारियों की बैठक होगी। 31 अक्टूबर को क्षेत्र कार्यवाह और प्रचारक भी बैठक में शामिल होंगे।
एक नवंबर को प्रांत कार्यवाह, प्रचारक और उनके सहयोगियों की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद 2 नवंबर से अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरू होगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों और प्रांतों के संघचालक शामिल होंगे। समवैचारिक संगठनों के अखिल भारतीय प्रमुखों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
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मोहन भागवत और होसबाले होंगे शामिल
RSS Indore Meeting में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले शामिल होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी छह सह-सरकार्यवाह और अखिल भारतीय विभागों के प्रमुख भी बैठक में भाग लेंगे। संगठन की कार्यकारी संस्था के सदस्य भी इसमें मौजूद रहेंगे।
बैठक में संगठनात्मक पुनर्गठन के साथ शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा होगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। बैठक में लिए गए निर्णयों से संघ की आगामी संगठनात्मक दिशा स्पष्ट हो सकती है।
जिम्मेदारियों के विकेंद्रीकरण पर जोर
संघ की प्रस्तावित नई संरचना में जिम्मेदारियों को अलग-अलग स्तरों पर बांटने की योजना है। इससे स्थानीय इकाइयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। संभागों की संख्या बढ़ने से क्षेत्रीय गतिविधियों के प्रबंधन में भी बदलाव आ सकता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की योजना के अनुसार, नई व्यवस्था में राज्य, संभाग और क्षेत्रीय इकाइयों की भूमिका तय की जाएगी। हालांकि, बदलावों के लागू होने की तारीख और सभी पदों की अंतिम संरचना की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
बैठकों की व्यवस्था में भी बदलाव
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक हर साल आयोजित करने के बजाय हर तीन साल में नागपुर में कराई जा सकती है। क्षेत्रीय स्तर की बैठकें हर दो साल में आयोजित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
इन बदलावों का उद्देश्य संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय मजबूत करना है। यह व्यवस्था लागू होने पर RSS की बैठकों और प्रशासनिक कामकाज में बदलाव आएगा। इंदौर में होने वाली बैठक में इन प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद ही अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।




















