अशोक गौतम, भोपाल। उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ-2028 इस बार पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। राज्य सरकार ने इसके लिए करीब 13,500 करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रावधान किया है। इसके अलावा अलग-अलग विभागों के माध्यम से भी कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सिंहस्थ 2018 में पांच हजार करोड़ रुपए सिंहस्थ में खर्च हुए थे, जबकि बजट दो हजार 500 करोड़ से अधिक का रखा गया था।

सिंहस्थ में मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 2800 करोड़ रुपए के नए काम होंगे। इसमें ज्यादा राशि रोड, पानी, बिजली, सीवेज नेटवर्क तैयार करने के स्थाई और अस्थाई कामों में खर्च होंगे। इसके अलावा बस स्टैंड सहित कई काम पीपीपी मोड पर किए जाएंगे।
शहर के अंदर कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और उन्नयन करीब 1900 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में 110 करोड़ रुपए की लागत से ह्यअहिल्या लोकह्ण विकसित किया जाएगा, क्योंकि उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु ओंकारेश्वर में भी दर्शन करने जाते हैं।
इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। अगली कैबिनेट उज्जैन में प्रस्तावित है। इसके पहले मंत्रिमंडल उज्जैन में चल रहे बड़े विकास कार्यों का अवलोकन करेगा। मंत्री श्रद्धालुओं को तमाम सुविधाएं देने के लिए सुझाव भी साझा करेंगे। बताया जाता है कि पहले से जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के 9,319 करोड़ रुपए के काम चल रहे हैं।