अशोक गौतम, भोपाल। नर्मदा नदी से अपने हिस्से के पानी के पूर्ण उपयोग के लिए मप्र सरकार ने ठोस रणनीति तैयार कर ली है। प्रदेश को नर्मदा से 18.25 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी का उपयोग करना है। सरकार ने अपने हिस्से के पानी लेने और उसके उपयोग के संबंध में पूरा रोडमैप तैयार कर परियोजना के टेंडर जारी कर उसमें काम भी शुरू कर दिया है। वर्तमान में 31.75 लाख हेक्टेयर की परियोजनाओं से सिंचाई और उसके विस्तार देने का काम शुरू कर दिया गया है। अगले दो तीन वर्ष के अंदर 74 सभी परियोजनाएं अपने मूल स्वरूप में आ जाएंगी।
नर्मदा जल के बेहतर प्रबंधन और उपयोग के लिए सभी परियोजनाओं को चार जोन में बांटा गया है। इसमें अपर नर्मदा जोन जबलपुर, रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना जबलपुर, इंदिरा सागर परियोजना सनावद एवं निचली नर्मदा परियोजनाएं शामिल हैं। इंदौर के प्रशासकीय नियंत्रण में संचालित 53 माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं में से 24 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। इसके अलावा अपर चैनल में से 11 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। साथ ही नर्मदा घाटी विकास विभाग की 5 माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाएं जल संसाधन विभाग के मध्यम से तैयार की जा रही है। इन परियोजनाओं से 31.75 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
सिंचाई की क्षमता लगातार बढ़ती जा रही है। 50 हजार लाख हेक्टेयर के करीब हो गई है। इसे सौ लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह से काम भी किया जा रहा है। नर्मदा से नदी से सिंचाई के लिए अधिकांश परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिए हैं।
तुलसी सिलावट, मंत्री, जल संसाधन विभाग