नर्मदा जल पर हक :मप्र में पानी का पूरा उपयोग करने के लिए रोडमैप तैयार, 2-3 साल में पटरी पर आएंगे सभी प्रोजेक्ट

नर्मदा नदी के पानी का पूरा उपयोग करने के लिए मप्र ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में 18.25 एमएएफ पानी के उपयोग की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
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मप्र में पानी का पूरा उपयोग करने के लिए रोडमैप तैयार, 2-3 साल में पटरी पर आएंगे सभी प्रोजेक्ट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। नर्मदा नदी से अपने हिस्से के पानी के पूर्ण उपयोग के लिए मप्र सरकार ने ठोस रणनीति तैयार कर ली है।  प्रदेश को नर्मदा से 18.25 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी का उपयोग करना है। सरकार ने अपने हिस्से के पानी लेने और उसके उपयोग के संबंध में पूरा रोडमैप तैयार कर परियोजना के टेंडर जारी कर उसमें काम भी शुरू कर दिया है। वर्तमान में 31.75 लाख हेक्टेयर की परियोजनाओं से सिंचाई और उसके विस्तार देने का काम शुरू कर दिया गया है। अगले दो तीन वर्ष के अंदर 74 सभी परियोजनाएं अपने मूल स्वरूप में आ जाएंगी।

    प्रोजेक्ट को चार जोन में बांटा

    नर्मदा जल के बेहतर प्रबंधन और उपयोग के लिए  सभी परियोजनाओं को चार जोन में बांटा गया है। इसमें अपर नर्मदा जोन जबलपुर, रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना जबलपुर, इंदिरा सागर परियोजना सनावद एवं निचली नर्मदा परियोजनाएं शामिल हैं। इंदौर के प्रशासकीय नियंत्रण में संचालित 53 माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं में से 24 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। इसके अलावा अपर चैनल में से 11 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। साथ ही नर्मदा घाटी विकास विभाग की 5 माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाएं जल संसाधन विभाग के मध्यम से तैयार की जा रही है। इन परियोजनाओं से 31.75 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

    नर्मदा नदी से इन राज्यों का हिस्सा

    • कुल पानी लेना है 28 MAF
    • मप्र को लेना है 18. 25 MAF
    • गुजरात को 9.00 MAF
    • महाराष्ट्र 0.25 MAF
    • राजस्थान 0.50 MAF
    • राज्य सरकार ने बंटवारे में से  60 प्रतिशत जल का उपयोग शुरू कर दिया है।

    कुछ बड़ी परियोजनाएं

    • चिंकी-बोरास बराज संयुक्त परियोजना - परियोजना 1.31 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होगी। सरकार ने इस परियोजना के लिए 5839 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी है।
    • धार माइक्रो सिंचाई परियोजना - परियोजना 75 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। सरकार ने इस परियोजना के लिए 2520 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी है।
    • दूधी परियोजना : परियोजना 55 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। सरकार ने इस परियोजना के लिए 2631 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी है।
    • शकर- पेंच लिंक परियोजना - परियोजना 96 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। सरकार ने इस परियोजना के लिए 4434 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी है।
    • राज्य सरकार को 2024 तक पूरा पानी लेने के लिए समय निर्धारित की गई थी, लेकिन इसे अब 2028 तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

    सिंचाई क्षमता बढ़ाएंगे

    सिंचाई की क्षमता लगातार बढ़ती जा रही है।  50 हजार लाख हेक्टेयर के करीब हो गई है। इसे सौ लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह से काम भी किया जा रहा है। नर्मदा से नदी से सिंचाई के लिए अधिकांश परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिए हैं।

    तुलसी सिलावट, मंत्री, जल संसाधन विभाग

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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