गौशाला निर्माण में 20.22 लाख के फर्जी भुगतान का आरोप, EOW ने 7 अधिकारियों समेत फर्म पर दर्ज की FIR

रीवा जिले की डभौरा नगर परिषद में गौशाला निर्माण के नाम पर वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में 37.85 लाख रुपये की परियोजना में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
गौशाला निर्माण में 20.22 लाख के फर्जी भुगतान का आरोप, EOW ने 7 अधिकारियों समेत फर्म पर दर्ज की FIR
रीवा में गौशाला निर्माण पर EOW का बड़ा एक्शन

रीवा जिले की डभौरा नगर परिषद में गौशाला निर्माण के नाम पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में 37.85 लाख रुपये की परियोजना में गड़बड़ी मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद मनरेगा पोर्टल पर लाखों रुपए के बिल दर्ज किए गए और 20.22 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। मामले में तत्कालीन अधिकारियों और संबंधित फर्म के प्रोपराइटर सहित सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

गौशाला निर्माण में गड़बड़ी, जांच में क्या मिला?

EOW की जांच के अनुसार, डभौरा नगर परिषद में गौशाला निर्माण के लिए 37.85 लाख रुपए की परियोजना स्वीकृत थी। जांच में मौके पर अधूरी बाउंड्रीवॉल और एक भवन होने की जानकारी सामने आई। इसके बावजूद मनरेगा पोर्टल पर 27.38 लाख रुपए के बिल दर्ज किए गए और 20.22 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एजेंसी ने भुगतान और निर्माण कार्य से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई हैं।

टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, छतरपुर की फर्म मेसर्स दीनदयाल कुशवाहा को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए निविदा प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि एक ही काम के लिए दो अलग-अलग तारीखों में कथित तौर पर कूटरचित निविदाएं तैयार की गईं। जांच में यह भी सामने आया कि फर्म ने पूरी सामग्री का कोटेशन नहीं दिया था और अमानत राशि (EMD) भी जमा नहीं की थी। इसके बावजूद फर्म को कार्यादेश जारी कर दिया गया।

EOW ने सात लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR

मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री राजेंद्र सिंह धुर्वे, एस.आर. आर्य, हिमांशु तिवारी, तत्कालीन एसडीओ संजीव कुमार सेठी, गजाधर सिंह राजपूत, तत्कालीन सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी निविदा शाखा लक्ष्मण प्रसाद शुक्ला और फर्म के प्रोपराइटर दीनदयाल कुशवाहा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जारी

EOW ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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