रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हुए मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह बिखेर दिया है। बुधवार को मृतकों की संख्या बढ़कर तीन पर पहुंच गई है। अस्पताल में जिस परिवार की मासूम जिंदगी जीने के लिए लड़ रही थी उसकी सांसे आज थम गई। मासूम 9 महीने की थी, दूसरी और महिला ने अपने पति को भी खो दिया है।
गरीबी और रोजी-रोटी की मजबूरी ने एक परिवार से उसकी खुशियां छीन लीं। मां-बाप प्लांट में मजदूरी करते थे और काम के दौरान अपनी छोटी बच्चियों को भी साथ ले जाते थे। हादसे वाले दिन भी 9 महीने की मासूम भूमि को पास में लिटाकर मां उदासिनी खड़िया और पिता शिव खड़िया काम में जुटे थे। इसी दौरान हुए भीषण हादसे की चपेट में मासूम बच्ची भी आ गई।
गंभीर रूप से घायल 9 महीने की भूमि ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने भारी मन से उसका अंतिम संस्कार किया लेकिन दुख यहीं नहीं थमा। देर रात इलाज करा रहे पिता शिव खड़िया ने भी अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस हादसे में घायल एक 19 वर्षीय युवक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
हादसे से पहले भी यह परिवार एक गहरे सदमे से गुजर चुका था। परिजनों के मुताबिक, महज तीन महीने पहले 3 साल की बच्ची सृष्टि की भी मौत हो गई थी। रिश्तेदारों ने बताया कि मजदूरी के दौरान मां उदासिनी अपनी दोनों बच्चियों को प्लांट परिसर में ही साथ रखती थीं और वहीं काम करती थीं। बताया जा रहा है कि काम में व्यस्त रहने के दौरान छोटी बच्ची ने प्लांट में पड़ी धूल-मिट्टी खा ली थी।
इसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे खून की उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।