
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की 9 सीटों पर कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इनमें दो पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह राजगढ़, शिवराज सिंह चौहान विदिशा और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना शामिल है। राजा, महाराजा और मामा कंफर्टेबल हैं पर मुरैना, ग्वालियर, भिंड और सागर सीट पर भी टक्कर की स्थिति है।
9 सीटों में से एक तिहाई सीटों पर भाजपा को अतिरिक्त ताकत ताकत लगाना पड़ रही है। ग्वालियर अंचल में बसपा का ‘हाथी’ भी चुनावी ऊंट की करवट बदलने की जोर आजमाइश कर रहा है। ग्वालियर, सागर और राजगढ़ सीट पर भाजपा की मैदानी टीम तालमेल की कमी से भी जूझ रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना में व्यस्त होने से ग्वालियर में ज्यादा समय नहीं दे पाए। वरिष्ठ नेता भी प्रचार में व्यस्त हैं।
सागर में तालमेल की कमी
बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर में भी भाजपा इसी अंतरद्वंद्व से का सामना कर रही है। मुख्य मुकाबला भाजपा की वरिष्ठ नेत्री लता वानखेड़े और कांग्रेस के गुड्डू राजा बुंदेला के बीच है। भाजपा का पलड़ा भारी होने के बावजूद उसके बूथ- पन्ना और मैदानी कार्यकर्ताओं में सामंजस्य नहीं दिख रहा। महापौर और स्थानीय विधायक के बीच मौजूदा संबंधों के चलते पार्षद और मैदानी कार्यकर्ताओं की टोलियां में भी बिखराव नजर आ रहा है।
हाई प्रोफाइल राजगढ़
हाई प्रोफाइल राजगढ़ सीट पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह क्षेत्रीय वोटर्स से भावनात्मक स्तर पर जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सियासी जीवन का अंतिम चुनाव बताकर उन्होंने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उनका पूरा परिवार भी को घर-घर दस्तक दे रहा है। भाजपा यहां अपने प्रत्याशी रोडमल नागर के बजाए पीएम मोदी के चेहरे पर वोट की अपील कर रही है। विदिशा, भोपाल और बैतूल सीट पर भाजपा पारंपरिक वोटर्स को साधने में जुटी है।
नाराज वोटर्स होंगे डायवर्ट
ग्वालियर, मुरैना और भिंड में बसपा का हाथी चुनावी फाइट में तीसरा कोण बना सकता है । नाराज वोट बसपा में डायवर्ट करने की मुहिम सफल हुई तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा। मुरैना में भाजपा के शिव मंगल सिंह तोमर और सत्यपाल सिंह सिकरवार के बीच कांटे का मुकाबला है। उधर भिंड में संध्या राय का मुकाबला कांग्रेस के फूलसिंह बरैया के बीच है।
सागर में सामंजस्य नहीं
सागर सीट पर भाजपा के सामने संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल का मुद्दा भारी है। प्रत्याशी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य की कमी है। -विनोद आर्य, वरिष्ठ पत्रकार
राजा-महाराजा कंफर्टेबल
ग्वालियर, मुरैना, भिंड और राजगढ़ में भाजपा को अतिरिक्त ताकत झोंकना पड़ रही है। राजगढ़ और गुना में राजा-महाराजा कंफर्टेबल स्थिति में हैं। -राकेश अचल, राजनीतिक विश्लेषक