वाशिंगटन। अमेरिका में जारी शटडाउन की स्थिति और गंभीर हो गई है। शुक्रवार को अमेरिकी सीनेट ने रिपब्लिकन पार्टी द्वारा पेश प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसका उद्देश्य संघीय फंडिंग को बढ़ाना और सरकारी कामकाज ठप होने की स्थिति को खत्म करना था। यह प्रस्ताव पहले ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पारित हो चुका था, लेकिन सीनेट में इसे आगे बढ़ाने के लिए जरूरी 60 वोट नहीं मिल सके। उल्लेखनीय है कि यह चौथी बार है, जब यह प्रस्ताव पर्याप्त बहुमत न मिलने की वजह से विफल रहा है। हालांकि, मतदान में तीन डेमोक्रेट सांसदों ने रिपब्लिकनों का साथ दिया, लेकिन इसके बावजूद यह संख्या पर्याप्त नहीं थी। राजनीतिक गतिरोध की वजह से पैदा हुई शटडाउन की स्थिति हर दिन सरकारी खजाने पर अरबों डॉलर का बोझ डाल रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फंडिंग रुकावट को डेमोक्रेट्स द्वारा जबरन कराया गया बंद बताते हुए कहा रिपब्लिकन पार्टी को इस मौके का इस्तेमाल सरकारी तंत्र से बेकार और भ्रष्ट तत्वों को बाहर निकालने में करना चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि रिपब्लिकनों को इस डेमोक्रेट-प्रेरित बंद का फायदा उठाकर फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहिए। इससे अरबों डॉलर की बचत संभव है। अमेरिका को फिर महान बनाओ! यह शटडाउन पिछली बार से कुछ अलग दिखाई देता है। पहले के शटडाउन के दौरान आमतौर पर कर्मचारियों को अस्थायी छुट्टी (फरलो) पर भेजा जाता था, लेकिन इस बार व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि बड़े पैमाने पर स्थायी छंटनी करनी पड़ सकती है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिनन लेविट ने कहा अगर शटडाउन लंबा चला तो सरकार को आवश्यक सेवाएं चालू रखने के लिए कठोर निर्णय लेने पड़ेंगे, जिसमें बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी भी शामिल है। उन्होंने इस कदम को वित्तीय विवेक का हिस्सा बताया। लेविट ने कहा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने डेमोक्रेट शासित राज्यों की बुनियादी ढांचा फंडिंग में कटौती का निर्णय इसी लिए लिया है, ताकि खर्च पर नियंत्रण रखा जा सके। इस बीच, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने अगले सप्ताह के लिए कोई सत्र निर्धारित नहीं किया है। रिपब्लिकन हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने घोषणा की कि मंगलवार से जिला कार्य अवधि शुरू होगी, जिसके तहत सांसद अपने-अपने राज्यों में रहकर स्थानीय कार्यों पर ध्यान देंगे। यह अवधि 13 अक्टूबर तक चलेगी।
इस निर्णय से यह साफ है कि फिलहाल किसी राजनीतिक समाधान की उम्मीद कम है। सरकारी कामकाज बंद होने का असर न केवल सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा, बल्कि नागरिक सेवाओं जैसे सामाजिक सुरक्षा भुगतान, राष्ट्रीय उद्यानों का संचालन, और कई संघीय कार्यक्रमों पर भी असर पड़ सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह शटडाउन लंबा खिंचा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है और निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है। कुल मिलाकर, वॉशिंगटन में यह गतिरोध रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक खाई को उजागर करता है। राष्ट्रपति ट्रंप इस मौके को सरकारी खर्च में कटौती और प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन के रूप में देख रहे हैं, जबकि डेमोक्रेट्स इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बता रहे हैं।