संजय सिंह राजपूत, राजनांदगांव। धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर राजनांदगांव पुलिस ने डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह मामला अब एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। दरअसल, 8 जनवरी को थाना लालबाग अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदैहान में प्राप्त लिखित शिकायत के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे सामने आने लगे। शिकायत में आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने और कथित धर्मांतरण गतिविधियों की स्पष्ट जानकारी दी गई थी। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के सुपरविजन में पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जल्द ही इस मामले में राज्यव्यापी नेटवर्क की परतें भी खुल सकती है।
जांच के दौरान जब्त किए गए रजिस्टर, दस्तावेज और अभिलेख इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि कथित धर्मांतरण गतिविधियां पूरी तरह संगठित और योजनाबद्ध तरीके से संचालित की जा रही थीं। प्रारंभिक जांच में सैकड़ों लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। पुलिस अब एक-एक कड़ी जोड़ते हुए नेटवर्क की पूरी संरचना खंगाल रही है।

विवेचना के दौरान पुलिस के हाथ लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड और मोबाइल फोन जैसे अहम डिजिटल साक्ष्य लगे हैं। इनमें मौजूद डिजिटल डेटा, प्रेजेंटेशन और प्रचार सामग्री से यह सामने आया है कि प्रचार आधुनिक तकनीक के सहारे किया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर आंकी जा रही है। इनका उपयोग उन इलाकों में किया जा रहा था, जहां बिजली तक उपलब्ध नहीं है।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल राजनांदगांव तक सीमित नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सक्रिय था। कई अन्य संदिग्धों की पहचान हो चुकी है, जिन्हें कानूनी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस का फोकस अब धन के स्रोतों और वित्तीय लेन-देन पर है। आशंका जताई जा रही है कि आश्रम और चर्च संचालन के लिए बाहरी या विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी अन्य संगठित या अवैध गतिविधि से है।
कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं है. मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे उसे हिसाब से विधि सम्मत और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता शुक्ला, एसपी राजनांदगांव